नेशनल क्वांटम ट्रेनिंग प्रोग्राम-2026 में 116 प्रतिभागियों ने सफलतापूर्वक पूरा किया प्रशिक्षण, 89 को मेरिट प्रमाणपत्र
सोलन। क्वांटम तकनीक के तेजी से उभरते क्षेत्र में शूलिनी यूनिवर्सिटी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट रिसर्च काउंसिल (SRC) और सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC), बेंगलुरु के संयुक्त सहयोग से आयोजित सात दिवसीय नेशनल क्वांटम ट्रेनिंग प्रोग्राम (NQTP)-2026 में भारत सहित पांच देशों के 188 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को क्वांटम तकनीक के अत्याधुनिक पहलुओं से अवगत कराया गया। इनमें से 116 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया, जबकि निर्धारित मूल्यांकन मानदंडों पर खरा उतरने वाले 89 प्रतिभागियों को मेरिट प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
ऑनलाइन आयोजित इस राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारत के छह राज्यों के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात और सिंगापुर के 68 संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधार्थियों और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े प्रतिभागियों को क्वांटम कंप्यूटिंग की उभरती तकनीकों से परिचित कराना और इस क्षेत्र में भविष्य के विशेषज्ञ तैयार करना रहा।
क्वांटम कंप्यूटिंग से लेकर क्रिप्टोग्राफी तक प्रशिक्षण
सात दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम मशीन लर्निंग, क्वांटम क्रिप्टोग्राफी, क्वांटम एरर करेक्शन, क्वांटम एल्गोरिदम और क्वांटम फोटोनिक्स जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं रखा गया। प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया, जिसके तहत उन्होंने C-DAC बेंगलुरु द्वारा विकसित भारत के स्वदेशी क्वांटम कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म ‘Qniverse’ का उपयोग कर प्रैक्टिकल एक्सरसाइज पूरी कीं।
राष्ट्रीय क्वांटम मिशन को मिलेगा बढ़ावा : प्रो. अतुल खोसला
शूलिनी यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. अतुल खोसला ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम क्वांटम तकनीक के क्षेत्र में विशेषज्ञता विकसित करने और अकादमिक एवं सरकारी संस्थानों के बीच सहयोग मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास भारत के नेशनल क्वांटम मिशन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट एवं डायरेक्टर इनोवेशन प्रो. आशीष खोसला ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और क्वांटम कंप्यूटिंग का संगम शोध एवं व्यावहारिक अनुप्रयोगों के लिए नई संभावनाएं खोल रहा है। उन्होंने कहा कि C-DAC के साथ सहयोग शूलिनी यूनिवर्सिटी को देश के तेजी से विकसित हो रहे क्वांटम टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम में योगदान देने का अवसर प्रदान कर रहा है।
दिसंबर में नेशनल क्वांटम इंफॉर्मेटिक्स प्रोग्राम की तैयारी
C-DAC बेंगलुरु के साइंटिस्ट एफ एवं एसोसिएट डायरेक्टर हेनरी सुकुमार ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए स्टूडेंट रिसर्च काउंसिल की सराहना की। उन्होंने इसे बड़े स्तर पर संस्थागत सहयोग का उदाहरण बताते हुए कहा कि इस साझेदारी को आगे भी विस्तार दिया जाएगा।
प्रस्तावित योजना के तहत दिसंबर 2026 में शूलिनी यूनिवर्सिटी, C-DAC बेंगलुरु, DigiTod और qBraid के सहयोग से नेशनल क्वांटम इंफॉर्मेटिक्स प्रोग्राम शुरू करने की तैयारी है।
क्वांटम कंप्यूटिंग के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की तैयारी
स्टूडेंट रिसर्च काउंसिल ने मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. पंकज वैद्य और फाउंडर अनित्य गुप्ता के नेतृत्व में प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर इसका संचालन किया।
इसके साथ ही शूलिनी यूनिवर्सिटी में क्वांटम कंप्यूटिंग के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने को लेकर भी बातचीत चल रही है। प्रस्तावित केंद्र उत्तर भारत में क्वांटम तकनीक से जुड़े शोध, नवाचार और उन्नत प्रशिक्षण के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है।
इस पहल से विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अत्याधुनिक क्वांटम तकनीक पर काम करने के साथ-साथ देश के उभरते क्वांटम टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम से जुड़ने के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।









रतन चंद जी नमस्कार🙏 'हिमालयन डान' के नए स्वरूप को सराहने और अपनी आत्मीय शुभकामनाएं भेजने के लिए हम आपका…