शिमला: हिमाचल प्रदेश के विंटर वैकेशन (शीतकालीन अवकाश) स्कूलों से समर वैकेशन (ग्रीष्मकालीन अवकाश) स्कूलों में स्थानांतरित हुए शिक्षकों को इस बार मानसून की छुट्टियां नहीं मिलेंगी। नियमों के तहत कोई भी शिक्षक एक कैलेंडर वर्ष में केवल एक बार ही दीर्घकालिक अवकाश का लाभ ले सकता है। इस संबंध में शिमला जिला के उपनिदेशक उच्च शिक्षा ने सभी सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक एवं उच्च विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
विभाग ने स्कूल प्रमुखों से मांगी रिपोर्ट
जारी निर्देशों के अनुसार, जिन शिक्षकों का इस शैक्षणिक सत्र में शीतकालीन अवकाश वाले स्कूलों से ग्रीष्मकालीन अवकाश वाले स्कूलों में तबादला हुआ है और वे इस वर्ष पहले ही शीतकालीन छुट्टियों का लाभ ले चुके हैं, उनका पूरा विवरण तुरंत उपनिदेशक कार्यालय को भेजने को कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह जानकारी आगामी दिनों में इन शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति (डैपुटेशन) संबंधी आदेश जारी करने के लिए आवश्यक है। सभी विद्यालय प्रमुखों को इस कार्य में देरी न करने की हिदायत दी गई है।
12 जुलाई से शुरू हो रहा है मानसून ब्रेक
राज्य के समर वैकेशन स्कूलों में 12 जुलाई से 12 अगस्त तक मानसून ब्रेक घोषित किया गया है। दूसरी ओर, विंटर वैकेशन स्कूलों में बरसात की छुट्टियां केवल 7 से 12 अगस्त तक ही होंगी।
चूंकि स्थानांतरित शिक्षक इस शैक्षणिक सत्र में विंटर वैकेशन स्कूलों में पहले ही 42 दिन की छुट्टियों का लाभ उठा चुके हैं, इसलिए नियमों के तहत वे समर वैकेशन स्कूलों में होने वाले एक महीने के मानसून ब्रेक के हकदार नहीं होंगे। छुट्टियों की इस अवधि के दौरान विभाग द्वारा इन शिक्षकों को अन्य प्रशासनिक या शैक्षणिक कार्यों के लिए प्रतिनियुक्ति पर तैनात किया जाएगा।









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