HP Board Exam 2026: हिमाचल में बोर्ड परीक्षाओं का ‘डिजिटल पहरा’, 2384 केंद्रों की होगी लाइव मॉनीटरिंग

On: January 25, 2026 5:17 PM
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धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE) ने इस वर्ष होने वाली 10वीं और 12वीं की वार्षिक परीक्षाओं को लेकर अपनी कमर कस ली है। शिक्षा के स्तर को सुधारने और परीक्षाओं की गरिमा बनाए रखने के लिए बोर्ड इस बार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है। बोर्ड मुख्यालय धर्मशाला में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता के दौरान बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने परीक्षाओं को लेकर किए गए हाईटेक बदलावों की जानकारी साझा की।

हाईटेक निगरानी: धर्मशाला से होगी लाइव मॉनीटरिंग

​इस बार की बोर्ड परीक्षाओं में सबसे बड़ा बदलाव तकनीक का समावेश है। हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार, बोर्ड परीक्षाओं की निगरानी सीधे मुख्यालय से की जाएगी। प्रदेश भर में स्थापित किए गए 2,384 परीक्षा केंद्रों को ऑनलाइन मॉनीटरिंग सिस्टम से जोड़ा गया है।

​बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि बोर्ड मुख्यालय में बड़ी और अत्याधुनिक स्क्रीनें स्थापित की गई हैं। इन स्क्रीनों के माध्यम से अधिकारी रियल-टाइम (Live) में देख सकेंगे कि किसी भी परीक्षा केंद्र के अंदर क्या गतिविधियां चल रही हैं। यदि कहीं भी संदिग्ध गतिविधि या नकल के मामले सामने आते हैं, तो मुख्यालय से ही तुरंत संबंधित केंद्र के अधिकारियों को निर्देश जारी किए जाएंगे।

पांच स्तरीय सुरक्षा घेरा (Flying Squads)

​नकल माफिया और अनुचित साधनों के प्रयोग पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए बोर्ड ने पांच अलग-अलग स्तरों पर निगरानी प्रणाली (Monitoring System) तैयार की है:

  1. प्रशासनिक उड़नदस्ते: उपमंडल स्तर पर एसडीएम (SDM) और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के नेतृत्व में टीमें गठित की गई हैं।
  2. शिक्षा विभाग की टीमें: उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी औचक निरीक्षण करेंगे।
  3. बोर्ड के विशेष दस्ते: स्कूल शिक्षा बोर्ड की अपनी टीमें सक्रिय रहेंगी।
  4. अध्यक्षीय निगरानी: बोर्ड अध्यक्ष और सचिव के विशेष दस्ते कहीं भी कभी भी रेड कर सकते हैं।
  5. पर्यवेक्षी दस्ता (Super-Flying Squad): यह दस्ता न केवल छात्रों पर नजर रखेगा, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगा कि अन्य उड़नदस्ते ईमानदारी से अपना काम कर रहे हैं या नहीं।
उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में बड़ा बदलाव

​परीक्षाओं के साथ-साथ कॉपियों की चेकिंग (Valuation) प्रक्रिया को भी पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है। डॉ. राजेश शर्मा ने सख्त लहजे में कहा कि अब शिक्षक उत्तरपुस्तिकाओं को अपने घर नहीं ले जा सकेंगे।

  • मूल्यांकन केंद्रों पर सख्ती: सभी शिक्षकों को निर्धारित मूल्यांकन केंद्रों पर ही आना होगा। केंद्र के भीतर सीसीटीवी कैमरों का पहरा रहेगा।
  • खाली हाथ प्रवेश: शिक्षकों को केंद्र के अंदर कुछ भी ले जाने की अनुमति नहीं होगी और उन्हें मूल्यांकन के बाद खाली हाथ ही वापस जाना होगा।
  • लापरवाही पर कार्रवाई: गलत मार्किंग या कॉपियों की जांच में ढिलाई बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों के लिए ‘सेकंड चांस’ और सुधार की सुविधा

​बोर्ड ने न केवल सख्ती दिखाई है, बल्कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उदार फैसले भी लिए हैं। अक्सर देखा गया है कि खराब स्वास्थ्य या किसी अन्य कारण से छात्र मार्च की परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते।

​इस समस्या के समाधान के लिए, यदि 10वीं कक्षा का कोई छात्र मार्च की परीक्षा में कम अंक प्राप्त करता है, तो उसे जून माह में दोबारा परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। खास बात यह है कि यदि छात्र जून की परीक्षा में अपने अंक सुधार लेता है, तो उन बेहतर अंकों को मार्च की अंकतालिका (Marksheet) में जोड़ दिया जाएगा। इससे छात्रों का एक साल बर्बाद होने से बचेगा और उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

नकल रोकने के लिए हेल्पलाइन नंबर

​बोर्ड प्रशासन बहुत जल्द एक आधिकारिक मोबाइल नंबर जारी करने जा रहा है। इस नंबर पर छात्र, अभिभावक या कोई भी जागरूक नागरिक नकल या पेपर लीक जैसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की गुप्त सूचना दे सकेगा। बोर्ड का लक्ष्य है कि मेहनती छात्रों के हक पर कोई डाका न डाल सके।

Kamlesh Thakur

कमलेश ठाकुर पिछले 3 वर्षों से हिमालयन डॉन मीडिया के साथ बतौर पत्रकार कार्यरत हैं। उन्हें हिमाचल प्रदेश की स्थानीय खबरों, शिक्षा, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों की गहरी समझ है। सटीक, विश्वसनीय और तथ्यपरक रिपोर्टिंग उनकी पहचान है। स्थानीय घटनाओं को पाठकों तक सरल और प्रभावी ढंग से पहुंचाने में उनकी विशेष रुचि है।

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