शिमला: हिमाचल प्रदेश में पिछले तीन महीनों से सूखे की मार झेल रहे लोगों और बागवानों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने की भविष्यवाणी की है। इससे 16 और 17 जनवरी को प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी और बारिश के आसार हैं।
इन 5 जिलों में बर्फबारी की संभावना
मौसम केंद्र शिमला के अनुसार, 11 से 15 जनवरी तक मौसम शुष्क रहने के बाद 16 जनवरी से बदलाव आएगा। मुख्य रूप से निम्नलिखित जिलों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ गिरने की उम्मीद है:
- लाहौल-स्पीति
- किन्नौर
- कुल्लू
- चंबा
- शिमला (ऊपरी इलाके)
शीतलहर और कोहरे का ‘डबल अटैक’ जारी
भले ही बर्फबारी का इंतजार है, लेकिन मैदानी इलाकों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी, कांगड़ा और ऊना में शीतलहर का कहर जारी है। विभाग ने 15 जनवरी तक घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है। सुबह के समय विजिबिलिटी 100 मीटर से भी कम दर्ज की जा रही है, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कुकुमसेरी सबसे ठंडा: पारा -10.8 डिग्री पहुंचा
हिमाचल के जनजातीय इलाकों में कुदरत का कड़ा इम्तिहान शुरू हो गया है।
- कुकुमसेरी: -10.8°C (सबसे ठंडा)
- ताबो: -6.7°C
- मनाली: -1.1°C
- सोलन व पालमपुर: 0.0°C के करीब
ठंड का आलम यह है कि लाहौल-स्पीति और किन्नौर में प्राकृतिक जल स्रोत (Natural Water Sources) और पाइपों में पानी जम गया है।
खेती और पर्यटन पर संकट
पिछले 90 दिनों से बारिश न होने के कारण गेहूं की फसल और सेब के बगीचों को भारी नुकसान हो रहा है। वहीं, शिमला और मनाली पहुंचे सैलानी भी सीजन की पहली बर्फबारी न होने से मायूस हैं। ऐसे में 16 जनवरी को होने वाली संभावित बर्फबारी पर्यटन कारोबारियों के लिए ‘संजीवनी’ साबित हो सकती है।
