गुरुग्राम, 13 फरवरी 2026। भागदौड़ भरी इस जिंदगी में आज तनाव, दुख और खराब स्वास्थ्य एक वैश्विक समस्या बन चुके हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या हम जीवन जीने के तरीके में कोई बुनियादी गलती कर रहे हैं? प्रसिद्ध ‘हैप्पीनेस गुरु’ और मैनेजमेंट डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (MDI), गुरुग्राम के प्रोफेसर डॉ. राजेश के. पिलानिया ने एक खुशहाल जीवन जीने के लिए ‘जीवन के विद्यार्थी’ बनने का अनूठा दृष्टिकोण साझा किया है।
क्यों असफल हो रहा है आधुनिक जीवन?
डॉ. पिलानिया के अनुसार, आज दुनिया भर में टूटे हुए रिश्ते, तनाव और आत्महत्या जैसे चरम कदम इस बात का संकेत हैं कि कहीं न कहीं कुछ गड़बड़ है। कोई भी व्यक्ति जानबूझकर दुख भरा जीवन नहीं चुनता, लेकिन जीवन की सही समझ न होने के कारण वे अनजाने में इसका शिकार हो जाते हैं।
‘जीवन के विद्यार्थी’ बनने की चार-चरणीय प्रक्रिया
डॉ. पिलानिया ने एक बेहतर और संतोषजनक जीवन के लिए एक सरल लेकिन प्रभावी चार-चरणीय (4-Step) प्रक्रिया सुझाई है:
1. जीवन के अर्थ को परिभाषित करें
पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम यह समझना है कि आपके लिए जीवन का वास्तविक अर्थ क्या है। जब तक आप अपने जीवन का उद्देश्य और परिभाषा तय नहीं करेंगे, तब तक आप भटकते रहेंगे।
2. क्या वास्तव में मायने रखता है, उसे पहचानें
जीवन की परिभाषा तय करने के बाद यह पहचानें कि उस लक्ष्य को पाने के लिए वास्तव में क्या महत्वपूर्ण है। इसके लिए आप अतीत या वर्तमान के सफल व्यक्तित्वों से सीख ले सकते हैं और देख सकते हैं कि उन्होंने किन सिद्धांतों को अपनाया।
3. छोटे कदमों से शुरुआत करें
डॉ. पिलानिया कहते हैं, “मस्तिष्क विज्ञान (Brain Science) बताता है कि जब हम छोटे कदमों से शुरुआत करते हैं, तो बदलाव आसान हो जाता है।” अपने मनचाहे जीवन को जीने के लिए बड़े बदलावों का इंतजार न करें, बल्कि छोटी-छोटी आदतों से निरंतरता (Consistency) बनाए रखें।
4. नियमित समीक्षा और सुधार (Self-Reflection)
अपनी प्रगति का साप्ताहिक या मासिक विश्लेषण करें। इसका उद्देश्य स्वयं की आलोचना करना नहीं, बल्कि अब तक की उपलब्धियों की सराहना करना और गलतियों से सीखना है। यह आत्मचिंतन आपको सही रास्ते पर बनाए रखता है।
खुशहाली का सरल मार्ग
डॉ. राजेश पिलानिया का मानना है कि यदि हम अपनी गलतियों से सीखते हुए एक विद्यार्थी की तरह जीवन जीना शुरू करें, तो हम न केवल सफल होंगे बल्कि एक अधिक खुशहाल और संतोषजनक जीवन का अनुभव कर पाएंगे।
लेखक के बारे में: डॉ. राजेश के. पिलानिया MDI गुरुग्राम में प्रोफेसर हैं। उन्हें ‘भारत के हैप्पीनेस प्रोफेसर’ और ‘हैप्पीनेस गुरु’ के रूप में जाना जाता है।
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