हिमाचल में पशु मित्र भर्ती के नियम बदले, अब बोरी उठाकर नहीं, दौड़ लगाकर साबित करनी होगी फिटनेस

On: March 14, 2026 8:19 AM
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हिमाचल प्रदेश पशु मित्र भर्ती फिजिकल टेस्ट और दौड़ की तैयारी करते युवा।
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शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने पशुपालन विभाग में होने वाली ‘पशु मित्र’ भर्ती की चयन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। प्रदेश सरकार ने पशु मित्र भर्ती नीति-2025 में बड़ा संशोधन करते हुए चयन प्रक्रिया के नियमों को पूरी तरह बदल दिया है। अब अभ्यर्थियों को अपनी शारीरिक क्षमता साबित करने के लिए भारी-भरकम बोरियां उठाकर नहीं दौड़ना होगा, बल्कि सरकार ने दौड़ (Running) के नए मानक तय कर दिए हैं।

​विवाद के बाद लिया गया बड़ा फैसला

गौरतलब है कि पिछली भर्ती के दौरान महिला उम्मीदवारों से बोरी उठाकर दौड़ लगवाई गई थी, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुए थे। उन वीडियो में कई महिलाएं वजन के साथ दौड़ते हुए गिरती नजर आई थीं, जिसके बाद सरकार और विभाग की काफी किरकिरी हुई थी। इसी विवाद को देखते हुए विभाग ने पुरानी प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी और अब संशोधित अधिसूचना जारी कर फिजिकल टेस्ट को अनिवार्य के साथ-साथ व्यवस्थित भी कर दिया है।

​पुरुषों को 5 और महिलाओं को 1.5 किलोमीटर की दौड़

नई व्यवस्था के तहत अब शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) के कड़े मापदंड तय किए गए हैं। पुरुष उम्मीदवारों को अब 30 मिनट के भीतर 5 किलोमीटर की दौड़ पूरी करनी होगी। वहीं, महिला उम्मीदवारों के लिए 10 मिनट में 1500 मीटर दौड़ने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग का मानना है कि पशु मित्रों को अस्पताल और फार्म में तरल नाइट्रोजन के भारी कंटेनर उठाने और छोटे पशुओं को लाने-ले जाने जैसे काम करने पड़ते हैं, जिसके लिए उनका शारीरिक रूप से फिट होना बेहद जरूरी है।

​किसे मिलेगी छूट और किसे नया मौका?

अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि जिन उम्मीदवारों ने पुरानी व्यवस्था के तहत फिजिकल टेस्ट पास कर लिया था, उन्हें दोबारा दौड़ लगाने की जरूरत नहीं होगी; उन्हें सीधे अगली चयन प्रक्रिया के लिए बुलाया जाएगा। हालांकि, जो उम्मीदवार पहले फेल हो गए थे, उन्हें इस नई व्यवस्था के तहत अपनी किस्मत आजमाने का एक और मौका मिलेगा।

​पात्रता नियमों में भी हुआ बदलाव

सरकार ने पशुधन पंजीकरण की कट-ऑफ तिथि को भी अपडेट किया है। अब 31 दिसंबर 2025 तक ग्राम पंचायत के परिवार रजिस्टर में दर्ज आवेदक या उसके परिवार के पास पशुधन होना चाहिए। इसके साथ ही, यह पशुधन ‘भारत पशुधन पोर्टल’ पर इसी तिथि तक पंजीकृत होना भी अनिवार्य किया गया है।

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Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

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