शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने वाला है। मौसम विभाग ने 10 और 11 अगस्त को प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, प्रदेश में बारिश का दौर 15 अगस्त तक जारी रहने का अनुमान है। लगातार बारिश के बीच भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है।
10 अगस्त को कांगड़ा-सिरमौर में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार 10 अगस्त को कांगड़ा और सिरमौर में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा बिलासपुर, मंडी और सोलन में भारी बारिश को लेकर यलो अलर्ट रहेगा।
11 अगस्त को कांगड़ा और मंडी में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। वहीं चंबा, कुल्लू, शिमला और सिरमौर में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।
रविवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम खराब रहा। हालांकि पिछले 24 घंटों में भारी बारिश की गतिविधियों में कमी रही, लेकिन कुछ स्थानों पर अच्छी बारिश दर्ज की गई।
पांवटा साहिब में सबसे ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान सिरमौर के पांवटा साहिब में सबसे अधिक 38.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा शिमला के सराहन में 25.8 मिलीमीटर, कांगड़ा के घमरूर में 5.6 मिलीमीटर और धर्मशाला में 3.1 मिलीमीटर बारिश हुई।
118 सड़कें बंद, मंडी और कुल्लू सबसे ज्यादा प्रभावित
लगातार बारिश के कारण प्रदेश में सड़कें भी प्रभावित हुई हैं। रविवार शाम तक राज्य में भूस्खलन के कारण 118 सड़कें बंद थीं।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार:
- मंडी: 44 सड़कें बंद
- कुल्लू: 39 सड़कें बंद
- शिमला: 13 सड़कें बंद
- चंबा: 7 सड़कें बंद
- सिरमौर: 6 सड़कें बंद
- कांगड़ा: 5 सड़कें बंद
- ऊना: 3 सड़कें बंद
- सोलन: 1 सड़क बंद
इसके अलावा शिमला जिले के चौपाल में तीन बिजली ट्रांसफार्मर ठप हैं।
18 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित
बारिश और भूस्खलन का असर पेयजल योजनाओं पर भी पड़ा है। रविवार शाम तक प्रदेश में 18 पेयजल योजनाएं प्रभावित थीं। इनमें शिमला के चौपाल की 12, हमीरपुर के बड़सर की पांच और चंबा के भटियात की एक पेयजल योजना शामिल है।
नदी-नालों से दूर रहने की सलाह
मौसम विभाग ने भारी बारिश के दौरान लोगों को नदी-नालों और खड्डों से दूर रहने की सलाह दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका वाले रास्तों पर विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह भी दी गई है।
बारिश के दौरान नदी-नालों में पानी का बहाव अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेने की अपील की गई है।
मानसून में अब तक 155 लोगों की मौत, 835 करोड़ का नुकसान
हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में बारिश से जुड़े हादसों में अब तक 155 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं प्रदेश को करीब 835 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
मानसून की बारिश और आपदा से अब तक:
- 63 कच्चे-पक्के मकान पूरी तरह ध्वस्त
- 253 मकानों को आंशिक नुकसान
- 12 दुकानें पूरी तरह क्षतिग्रस्त
- 213 पशुशालाएं पूरी तरह क्षतिग्रस्त
बारिश का दौर 15 अगस्त तक जारी रहने के अनुमान के बीच प्रशासन के सामने सड़क, बिजली, पेयजल और आपदा प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं।










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