410 पंचायतों में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड सेवा शुरू, भारत नेट परियोजना के तहत बिछाया गया ऑप्टिकल फाइबर

On: February 14, 2026 1:01 PM
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हिमाचल प्रदेश में बिछाई गई ऑप्टिकल फाइबर केबल बारे बताती सांसद इंदु गोस्वामी
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शिमला | 14 फरवरी, 2026: केन्द्रीय संचार राज्य मंत्री डॉ. पेम्मसानी चंद्र शेखर ने राज्यसभा में डिजिटल इंडिया की प्रगति का विवरण साझा किया। सांसद सुश्री इंदु बाला गोस्वामी द्वारा पूछे गए एक सवाल के लिखित उत्तर में उन्होंने बताया कि ‘भारत नेट’ परियोजना के माध्यम से देश के ग्रामीण इलाकों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।

भारत नेट: देश भर की पंचायतों का रिपोर्ट कार्ड

मंत्री ने बताया कि भारत नेट के पहले और दूसरे चरण के तहत देश की कुल 2,22,341 पंचायतों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

  • अब तक 2,14,904 पंचायतों में यह सेवा शुरू की जा चुकी है।
  • उत्तर प्रदेश इस सूची में सबसे आगे है, जहाँ सर्वाधिक 35,746 पंचायतों को ब्रॉडबैंड सुविधा दी गई है।
  • हैरानी की बात यह है कि गोवा की किसी भी पंचायत को अभी तक इस योजना के तहत कवर नहीं किया गया है।

हिमाचल और पड़ोसी राज्यों की स्थिति

हिमाचल प्रदेश में इस परियोजना की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने बताया कि राज्य की 410 पंचायतों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड से जोड़ा जा चुका है। इसके लिए 31 दिसंबर 2025 तक प्रदेश में 783 किलोमीटर लंबी ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) बिछाई गई है।

भारत नेट परियोजना: पड़ोसी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों का प्रदर्शन

राज्य / केंद्र शासित प्रदेशहाई-स्पीड ब्रॉडबैंड युक्त पंचायतें
पंजाब12,668
हरियाणा6,082
उत्तराखंड1,993
जम्मू-कश्मीर1,101
चंडीगढ़12

PM किसान संपदा योजना: वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 630 करोड़ का बजट आवंटित

नई दिल्ली: खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण वित्तीय प्रावधान किए हैं। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह ने राज्यसभा में जानकारी दी कि प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) के तहत वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 630 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।

योजना की मुख्य बातें:

  • ग्रांट-इन-एड: इस योजना के तहत फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाने और संबंधित बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के विकास के लिए सरकारी सहायता प्रदान की जाती है।
  • मांग आधारित चयन: मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह एक मांग आधारित योजना है। इसके लिए पूरे देश से प्रस्ताव आमंत्रित किए जाते हैं।
  • मेरिट पर आधारित फंड: फंड की स्वीकृति किसी राज्य विशेष के कोटे के बजाय प्रोजेक्ट की गुणवत्ता और मेरिट के आधार पर की जाती है।

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Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

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