सोलन: रसोई से शिखर तक-नीलम वर्मा ने ‘RS फूड प्रोडक्ट्स’ से लिखी ग्रामीण सशक्तिकरण की नई इबारत

On: January 5, 2026 9:59 AM
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सोलन। कभी घर की चारदीवारी तक सीमित रहने वाली एक साधारण गृहिणी आज न केवल एक सफल उद्यमी हैं, बल्कि दर्जनों महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन चुकी हैं। सोलन ज़िले के छोटे से गांव रहाट की नीलम वर्मा ने अपने हुनर और कड़े संघर्ष से ‘RS फूड प्रोडक्ट्स’ को एक बड़ा ब्रांड बनाकर आत्मनिर्भरता की एक अनूठी मिसाल पेश की है।

सिलाई-कढ़ाई से उद्यमिता तक का सफर

​नीलम वर्मा का शुरुआती जीवन अन्य ग्रामीण महिलाओं की तरह सिलाई-कढ़ाई और घर के कामकाज तक ही सीमित था। लेकिन उनके भीतर कुछ अलग करने और परिवार को आर्थिक रूप से मज़बूत बनाने की एक तड़प थी। उनके जीवन में बदलाव की शुरुआत साल 2015 में हुई, जब उन्होंने फूड प्रोसेसिंग (खाद्य प्रसंस्करण) के एक प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। यहीं से उनके सपनों को उड़ान मिली।

स्वाद और शुद्धता की पहचान: RS फूड प्रोडक्ट्स

​प्रशिक्षण के बाद नीलम ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। अपने पति के सहयोग और अटूट आत्मविश्वास के साथ उन्होंने RS फूड प्रोडक्ट्स की नींव रखी। घर की रसोई से शुरू हुआ यह सफर आज एक व्यवस्थित व्यवसाय का रूप ले चुका है। उनके द्वारा तैयार किए गए:

  • ​पारंपरिक पहाड़ी अचार
  • ​चटनियां
  • ​ताज़ा शरबत

​इन उत्पादों ने अपनी शुद्धता और पहाड़ी स्वाद के दम पर बाज़ार में एक अलग पहचान बनाई है।

सरकारी योजनाओं ने दिए सपनों को पंख

​नीलम की सफलता में सरकारी तंत्र और संस्थागत सहयोग का भी बड़ा हाथ रहा है। उन्हें अपने व्यवसाय को विस्तार देने के लिए निम्न विभागों से महत्वपूर्ण सहायता मिली:

  1. जिला उद्योग केंद्र (DIC), सोलन: वित्तीय और तकनीकी मार्गदर्शन।
  2. डेवलपमेंट ब्लॉक, कंडाघाट: स्थानीय स्तर पर सहयोग।
  3. ऑर्गेनिक मिशन, शिमला: अनुदान और मार्केटिंग (विपणन) में मदद।

महिलाओं के लिए बनीं ‘रोज़गार की किरण

​आज नीलम वर्मा केवल खुद के लिए काम नहीं कर रही हैं, बल्कि उन्होंने अपने गांव की ज़रूरतमंद महिलाओं को भी अपने साथ जोड़कर उन्हें रोज़गार दिया है। वह मानती हैं कि महिला सशक्तिकरण तभी संभव है जब महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र हों।

नीलम वर्मा का संदेश: “हर महिला के भीतर एक हुनर छिपा होता है। बस ज़रूरत है खुद पर विश्वास करने और पहला कदम बढ़ाने की। अगर संकल्प मज़बूत हो, तो रसोई से निकलकर भी आप अपना साम्राज्य खड़ा कर सकती हैं।”

हिमालयन डॉन की विशेष रिपोर्ट: नीलम वर्मा की यह कहानी केवल एक बिज़नेस की सफलता नहीं है, बल्कि यह बदलते ग्रामीण हिमाचल की वह तस्वीर है जहाँ पहाड़ की बेटियाँ अब अपनी तकदीर खुद लिख रही हैं।

Kamlesh Thakur

कमलेश ठाकुर पिछले 3 वर्षों से हिमालयन डॉन मीडिया के साथ बतौर पत्रकार कार्यरत हैं। उन्हें हिमाचल प्रदेश की स्थानीय खबरों, शिक्षा, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों की गहरी समझ है। सटीक, विश्वसनीय और तथ्यपरक रिपोर्टिंग उनकी पहचान है। स्थानीय घटनाओं को पाठकों तक सरल और प्रभावी ढंग से पहुंचाने में उनकी विशेष रुचि है।

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