सीडीएल कसौली की जांच में तय मानकों पर खरा नहीं उतरा सैंपल, स्वास्थ्य मंत्रालय को दी गई जानकारी; नष्ट किया जाएगा पूरा लॉट
कसौली। कुत्तों, बंदरों और अन्य जानवरों के काटने के बाद रेबीज से बचाव के लिए इस्तेमाल होने वाली जीवनरक्षक एंटी रेबीज वैक्सीन को लेकर एक अहम मामला सामने आया है। हैदराबाद की एक कंपनी की ओर से बाजार में सप्लाई से पहले जांच के लिए भेजा गया वैक्सीन का लॉट रिलीज सैंपल केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला (सीडीएल), कसौली में जांच के दौरान मानकों पर खरा नहीं उतरा।
सैंपल के फेल होने के बाद संबंधित वैक्सीन लॉट को बाजार में जारी नहीं किया जाएगा। मामले की पुष्टि सीडीएल की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी से हुई है। बताया जा रहा है कि सीडीएल की ओर से संबंधित कंपनी और स्वास्थ्य मंत्रालय को भी इस संबंध में सूचित कर दिया गया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य अथॉरिटी की मौजूदगी में नष्ट होगा लॉट
सैंपल के निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरने के बाद अब संबंधित वैक्सीन के लॉट को केंद्रीय स्वास्थ्य अथॉरिटी की मौजूदगी में नष्ट करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इससे बाजार में ऐसे वैक्सीन लॉट की सप्लाई को रोकने में मदद मिलेगी, जो गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया है।
बाजार में आने से पहले होती है वैक्सीन की जांच
गौरतलब है कि देश में निर्मित होने वाली वैक्सीन के साथ-साथ आयात और निर्यात की जाने वाली वैक्सीन की गुणवत्ता जांच में सीडीएल कसौली की महत्वपूर्ण भूमिका है। कंपनियों की ओर से किसी वैक्सीन की सप्लाई बाजार में उतारने से पहले उसके निर्धारित लॉट के सैंपल जांच के लिए सीडीएल भेजे जाते हैं।
जांच प्रक्रिया में यदि कोई सैंपल निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरता है, तो संबंधित लॉट को बाजार में जारी नहीं किया जाता। एंटी रेबीज वैक्सीन के इस मामले में भी सैंपल फेल होने के बाद लॉट की बाजार में सप्लाई पर रोक लगा दी गई है।









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