हिमालयन डॉन | शिमला। हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनने वाली सड़कों की निर्माण लागत सीमा में केंद्र सरकार ने बड़ी बढ़ोतरी की है। इस फैसले के पीछे लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह की पहल को अहम माना जा रहा है, जिन्होंने पहाड़ी राज्यों में सड़क निर्माण की वास्तविक लागत का मुद्दा केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से उठाया था।
अब जहां पहले PMGSY के तहत प्रति किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए करीब 90 लाख रुपये का प्रावधान था, वहीं संशोधित व्यवस्था में इसे बढ़ाकर 1.60 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया गया है। इससे हिमाचल में लंबे समय से अटकी कई ग्रामीण सड़क परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।
2,247 करोड़ रुपये से बनेंगी 294 सड़कें
PMGSY चरण-4 के तहत केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के लिए 2,247 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इस राशि से प्रदेश में 294 ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इनमें से 235 परियोजनाओं के टेंडर अवार्ड किए जा चुके हैं, जबकि 59 सड़क परियोजनाओं की टेंडर प्रक्रिया अभी भी लंबित है।
विक्रमादित्य सिंह ने उठाई थी बजट बढ़ाने की मांग
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने केंद्र सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठाया था कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों में सड़क निर्माण की लागत मैदानी क्षेत्रों की तुलना में कहीं अधिक होती है। पहाड़ों की कटिंग, सुरक्षा कार्य, निर्माण सामग्री की ढुलाई और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण निर्धारित बजट पर्याप्त नहीं था।
मंत्री की ओर से निर्माण लागत बढ़ाने की मांग के बाद केंद्र सरकार ने संशोधित प्रावधान लागू किए, जिससे अब विभाग को परियोजनाओं के क्रियान्वयन में राहत मिलने की उम्मीद है।
ठेकेदारों की कमी बनी चुनौती
हालांकि विभाग के सामने अभी भी 59 सड़क परियोजनाओं के लिए ठेकेदार नहीं मिलने की चुनौती बनी हुई है। कई मामलों में केवल एक ही टेंडर मिलने के कारण निविदा प्रक्रिया रद्द करनी पड़ रही है और दोबारा टेंडर जारी किए जा रहे हैं।
PMGSY के तहत सड़क निर्माण के बाद पांच वर्षों तक रखरखाव की जिम्मेदारी भी ठेकेदार की होती है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश, भूस्खलन और बर्फबारी के कारण मेंटेनेंस लागत अधिक होने से कई परियोजनाओं में ठेकेदार रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
ग्रामीण विकास को मिलेगा नया बल
निर्माण लागत बढ़ने से अब दूरदराज के क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्यों को गति मिलने की संभावना है। बेहतर सड़क संपर्क से ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार से जुड़ी सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी। साथ ही किसानों को अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में भी सुविधा मिलेगी।
लोक निर्माण विभाग को उम्मीद है कि संशोधित बजट के बाद दोबारा जारी होने वाले टेंडरों में अधिक प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी और लंबित परियोजनाओं पर जल्द काम शुरू हो सकेगा।









रतन चंद जी नमस्कार🙏 'हिमालयन डान' के नए स्वरूप को सराहने और अपनी आत्मीय शुभकामनाएं भेजने के लिए हम आपका…