सोलन। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज बदलता रहेगा। डॉ. वाई.एस. परमार उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी-सोलन की ग्रामीण कृषि मौसम सेवा ने 29 जुलाई से 2 अगस्त तक के लिए कृषि मौसम सलाह जारी की है। इसके मुताबिक जिले के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि 28 और 30 जुलाई को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
मौसम विभागीय पूर्वानुमान के अनुसार अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 से 21 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। इस दौरान आसमान में बादल छाए रहने और सापेक्षिक आर्द्रता 68 से 93 प्रतिशत तक रहने की संभावना है। ऐसे मौसम में खेतों और बागों में जलभराव के साथ फफूंद एवं जीवाणुजनित रोगों का खतरा बढ़ सकता है।
किसानों को सिंचाई रोकने और जल निकासी दुरुस्त रखने की सलाह
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को बारिश के दौरान खेतों में जलभराव रोकने के लिए उचित जल निकासी नालियां बनाने की सलाह दी है। खेतों की मेड़ों पर उगी खरपतवार और झाड़ियों को हटाकर वायु संचार बेहतर रखने को कहा गया है। साथ ही रोगग्रस्त पौधों और संक्रमित हिस्सों को खेत से निकालकर नष्ट करने की सलाह दी गई है। बारिश के दौरान सभी फसलों में सिंचाई कार्य फिलहाल स्थगित रखने को कहा गया है।
बागवानों के लिए सबसे जरूरी सलाह: सेब में अभी छिड़काव से बचें
सोलन के सेब उत्पादकों के लिए जारी सलाह में कहा गया है कि 75 से 95 प्रतिशत तक सापेक्षिक आर्द्रता रहने के कारण सेब की फसल में स्कैब और अल्टरनेरिया पत्ती धब्बा रोग की नियमित निगरानी करें। लगातार बादल छाए रहने और अधिक नमी को देखते हुए किसी भी प्रकार का छिड़काव न करने की सलाह दी गई है। बागों में खरपतवार और झाड़ियों को हटाकर हवा का बेहतर संचार बनाए रखने को भी कहा गया है।
सब्जी उत्पादकों को भी सतर्क रहने की जरूरत
खीरे की बेलों को उचित सहारा देने और खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। टमाटर और बैंगन में पके फलों की समय पर तुड़ाई करने तथा निचली पत्तियों को जमीन से 10-15 सेंटीमीटर तक हटाने को कहा गया है। वहीं बकआई रॉट और झुलसा रोग की निगरानी करने की सलाह दी गई है। शिमला मिर्च में सर्कोस्पोरा पत्ती धब्बा रोग पर नजर रखने और संक्रमित पत्तियों को तुरंत हटाकर नष्ट करने को कहा गया है। अरबी की फसल में भारी बारिश के दौरान जल निकासी बनाए रखने के साथ ब्लाइट और कंद गलन रोग की निगरानी करने की सलाह दी गई है।
बारिश में नदियों और नालों से रहें दूर
कृषि मौसम सलाह में किसानों और आम लोगों को भारी बारिश के दौरान नदियों, नालों और निचले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। बारिश के पानी के संग्रहण और सुरक्षित भंडारण की उचित व्यवस्था करने को भी कहा गया है।
पशुपालकों को टीकाकरण की सलाह
मानसून के दौरान पशुओं में खुरपका-मुंहपका (FMD) और ब्लैक क्वार्टर (B.Q.) जैसी बीमारियों का खतरा देखते हुए पशुपालकों को समय पर टीकाकरण कराने की सलाह दी गई है।









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