CM सुक्खू का बड़ा फैसला: साल के अंत तक हिमाचल के सभी मेडिकल कॉलेज होंगे हाईटेक, मरीजों को मिलेगा बेहतर इलाज

On: July 10, 2026 4:25 PM
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मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए, मेडिकल कॉलेजों को हाईटेक बनाने के निर्देश देते हुए।
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शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। गुरुवार शाम स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों को इस वर्ष के अंत तक अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस किया जाए, ताकि लोगों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं अपने ही राज्य में उपलब्ध हो सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक सुधार कर रही है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए हजारों पदों पर भर्ती की जा चुकी है और शेष रिक्तियों को भी चरणबद्ध तरीके से भरा जा रहा है। सरकार का लक्ष्य मरीजों को एम्स, नई दिल्ली की तर्ज पर आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

मेडिकल कॉलेजों के लिए करोड़ों रुपये जारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, टांडा, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, हमीरपुर तथा अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी आयुर्विज्ञान (एआईएमएसएस), चमियाणा में अत्याधुनिक परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं। इसके लिए सरकार ने 75 करोड़ रुपये जारी किए हैं।

उन्होंने कहा कि आईजीएमसी शिमला में पीईटी स्कैन मशीन स्थापित की जा चुकी है, जबकि टांडा और हमीरपुर मेडिकल कॉलेजों के लिए भी पीईटी स्कैन मशीनों की खरीद प्रक्रिया जारी है।

स्टाफ भर्ती और नए पदों को मंजूरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए विभिन्न पैरामेडिकल श्रेणियों के 71 पदों तथा 50 जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा 162 नए पैरामेडिकल पदों को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।

मेडिकल छात्रों को मिलेगा बेहतर शैक्षणिक माहौल
मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। प्रत्येक बैच में 60 विद्यार्थियों की संख्या सुनिश्चित करने के साथ-साथ शिक्षण सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि आईजीएमसी शिमला में तीन लेक्चर थिएटर और एक परीक्षा भवन के निर्माण के लिए 5.76 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं टांडा मेडिकल कॉलेज में लेक्चर थिएटर निर्माण के लिए अतिरिक्त 14.13 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

चमियाणा में तेजी से बन रहा क्रिटिकल ब्लॉक
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि एआईएमएसएस चमियाणा में 23.75 करोड़ रुपये की लागत से क्रिटिकल ब्लॉक तथा 42 करोड़ रुपये की लागत से अतिरिक्त ब्लॉक का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने अधिकारियों को इन परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।

घर के पास मिलेगा बेहतर इलाज
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने और आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध होने के बाद प्रदेशवासियों को अपने घर के नजदीक ही आधुनिक और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों को विश्वस्तरीय तकनीक और आधुनिक आधारभूत ढांचे से सुसज्जित करने का कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।

बैठक में महाधिवक्ता अनुप रतन, प्रधान सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, मुख्यमंत्री के सचिव आशीष सिंहमार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के मिशन निदेशक प्रदीप ठाकुर, विशेष सचिव डॉ. अश्वनी कुमार शर्मा, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

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