सोलन। हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ श्रमिक नेता एवं एटक के प्रदेशाध्यक्ष कामरेड जगदीशचंद्र भारद्वाज का लंबी अस्वस्थता के बाद निधन हो गया। उनके निधन की खबर से श्रमिक संगठनों, ट्रेड यूनियनों और सामाजिक क्षेत्र में शोक का माहौल है। श्रमिक अधिकारों के लिए उनका लंबे समय तक किया गया संघर्ष उन्हें प्रदेश के प्रमुख मजदूर नेताओं में शामिल करता है।
कामरेड भारद्वाज ने अपने सार्वजनिक जीवन का अधिकांश समय श्रमिकों और कामगारों के हितों की रक्षा के लिए समर्पित किया। वे मजदूरों से जुड़े मुद्दों को लगातार प्रमुखता से उठाते रहे और श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभिन्न स्तरों पर सक्रिय भूमिका निभाई। मजदूरों की समस्याओं के समाधान के लिए उन्होंने अनेक आंदोलनों, धरना-प्रदर्शनों और जन अभियानों का नेतृत्व किया।
श्रमिक संगठनों से जुड़े उनके सहयोगियों का कहना है कि वे सिद्धांतों पर अडिग रहने वाले, कर्मठ और संघर्षशील व्यक्तित्व के धनी थे। मजदूर वर्ग के अधिकारों की लड़ाई को उन्होंने हमेशा प्राथमिकता दी और संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। जानकारी के अनुसार, वे पिछले कुछ वर्षों से केंद्रीय शिक्षा बोर्ड से जुड़ी जिम्मेदारियों का भी निर्वहन कर रहे थे।
एटक के पदाधिकारियों, विभिन्न श्रमिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं तथा उनके शुभचिंतकों ने उनके निधन को प्रदेश के श्रमिक आंदोलन के लिए बड़ी क्षति बताया है। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।
कामरेड जगदीशचंद्र भारद्वाज का योगदान प्रदेश के श्रमिक आंदोलन के इतिहास में लंबे समय तक याद रखा जाएगा। मजदूरों के अधिकारों के प्रति उनका समर्पण और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।







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