हिमाचल: 3 महीने में पूरे होंगे सभी ग्रामीण विकास कार्य: CM सुक्खू

On: January 31, 2026 3:37 PM
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शिमला: (हिमालयन डॉन) हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने राज्य के ग्रामीण अंचलों की तस्वीर बदलने के लिए एक निर्णायक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश के समावेशी विकास का रास्ता गांवों की गलियों से होकर गुजरता है। इसी विजन के साथ, उन्होंने राज्य में लंबित पड़ी हजारों छोटी-बड़ी विकास योजनाओं को अगले 90 दिनों (3 महीने) के भीतर पूर्ण करने का कड़ा अल्टीमेटम जारी किया है।

90 प्रतिशत आबादी के लिए ‘व्यवस्था परिवर्तन’

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश की लगभग 90 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है। ऐसे में ग्रामीण अधोसंरचना (Rural Infrastructure) को मजबूत करना केवल प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि राज्य के सतत विकास की नींव है। उन्होंने कहा कि “व्यवस्था परिवर्तन” का मूल सिद्धांत यही है कि सरकारी योजनाओं का लाभ फाइलों से निकलकर धरातल पर आम आदमी तक पहुँचे।

हजारों करोड़ के प्रोजेक्ट्स पर पैनी नज़र

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने उन परियोजनाओं पर चिंता व्यक्त की, जिनके लिए बजट तो जारी हो चुका था, लेकिन वे प्रशासनिक ढिलाई या अन्य कारणों से अटकी हुई थीं।

  • शून्य से शुरुआत: लगभग 11,064 क्षेत्रीय कार्य, जिनकी लागत 204 करोड़ है, बजट आवंटन के बावजूद शुरू नहीं हो सके थे।
  • अधूरे प्रोजेक्ट्स: 348 करोड़ की लागत वाले 16,834 कार्य लंबे समय से ‘निर्माणाधीन’ श्रेणी में थे।

मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि विकास कार्यों में विलंब न केवल लागत बढ़ाता है, बल्कि जनता के भरोसे को भी कम करता है। उन्होंने पिछड़ा क्षेत्र उप-योजना, विधायक क्षेत्र विकास निधि (MLALAD), मुख्यमंत्री ग्राम पथ योजना और लोकल एरिया डेवलपमेंट फंड (LADF) के तहत चल रहे कार्यों की धीमी गति पर जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।

आम आदमी से जुड़ी बुनियादी सुविधाएं प्राथमिकता

मुख्यमंत्री का विशेष ध्यान उन कार्यों पर है जो सीधे तौर पर ग्रामीणों के जीवन स्तर को प्रभावित करते हैं। इनमें शामिल हैं:

  • हैंडपंपों की स्थापना और पेयजल सुविधा।
  • गांवों के पैदल रास्ते, नालियां और फुट ब्रिज का निर्माण।
  • सामुदायिक भवन और सिंचाई नहरों का सुदृढ़ीकरण।
  • रिटेनिंग वॉल और गांव की संपर्क सड़कों का रख-रखाव।

उन्होंने कहा कि ये छोटे-छोटे कार्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए अहम भूमिका निभाते हैं और इन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए।

डिजिटल गवर्नेंस: ‘रियल-टाइम डैशबोर्ड’ से होगी निगरानी

पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। अब इन सभी विकास कार्यों की प्रगति की निगरानी मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से सीधे ‘रियल-टाइम डैशबोर्ड’ के माध्यम से की जा रही है। फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे दैनिक आधार पर प्रगति रिपोर्ट अपडेट करें।

इस सघन निगरानी का परिणाम भी दिखने लगा है। अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 के बीच रिकॉर्ड 18,262 छोटी योजनाओं को पूरा किया गया है, जो राज्य सरकार की कार्यकुशलता को दर्शाता है।

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Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

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