सोलन। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में ग्रामीण राजनीति और विकास की रूपरेखा अब नए सिरे से तय होगी। उपायुक्त सोलन, मनमोहन शर्मा ने ज़िला परिषद के वार्डों के पुनर्गठन और परिसीमन (Delimitation) की अंतिम अधिसूचना आधिकारिक तौर पर जारी कर दी है। जिले में हाल ही में गठित हुई नई ग्राम सभाओं को ध्यान में रखते हुए पुराने वार्डों की सीमाओं में आंशिक संशोधन किए गए हैं।
क्यों बदला गया वार्डों का भूगोल?
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जिले में कई नई ग्राम सभाएं अस्तित्व में आई थीं। निर्वाचन क्षेत्रों में जनसंख्या का संतुलन बनाए रखने और विकास कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए वार्डों के निर्धारण में यह बदलाव अनिवार्य था। अब ज़िला परिषद के सभी 17 निर्वाचन क्षेत्रों की नई सीमाएं तय हो चुकी हैं।
वार्डों का पूरा विवरण: किस वार्ड में कौन सी पंचायत?
प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, सोलन के विभिन्न विकास खंडों में वार्डों का विभाजन इस प्रकार किया गया है:
कुनिहार और कण्डाघाट क्षेत्र
- दाड़ला (वार्ड-1): इसमें दाड़ला, बेरल, चाखड, रौडी, बरायली सहित कुल 18 ग्राम सभाएं शामिल की गई हैं।
- सूरजपुर (वार्ड-2): यहाँ हनुमान बड़ोग, धुन्धन, कुंहर, और मटेरनी जैसी 20 पंचायतों को जगह मिली है।
- डुमैहर (वार्ड-3): इसमें कुनिहार, कोठी, भूमती और डुमैहर सहित 18 क्षेत्र शामिल हैं।
- वाकना (वार्ड-4) व दंघील (वार्ड-5): कण्डाघाट विकास खंड के तहत आने वाले इन वार्डों में सायरी, वाकना, चायल और झाजा जैसे प्रमुख पर्यटन व ग्रामीण क्षेत्र सम्मिलित हैं।
सोलन और धर्मपुर क्षेत्र
- डांगरी (वार्ड-6): सोलन ब्लॉक की बसाल, जौणाजी, ओच्छघाट और शामती जैसी 19 ग्राम सभाएं अब इस वार्ड का हिस्सा होंगी।
- चेवा (वार्ड-7): इसमें बड़ोग, सुल्तानपुर, भोजनगर और हरिपुर सहित 20 पंचायतों को रखा गया है।
- धर्मपुर (वार्ड-8) व टकसाल (वार्ड-9): कसौली और धर्मपुर के आसपास की महत्वपूर्ण पंचायतों जैसे जाबली, गड़खल, सनवारा और टकसाल को इन वार्डों में व्यवस्थित किया गया है।
नालागढ़ और बीबीएन (BBN) क्षेत्र
औद्योगिक बेल्ट के साथ लगते क्षेत्रों में भी बड़ा बदलाव देखा गया है:
- मंधाला (वार्ड-11): बरोटीवाला, गुल्लरवाला और मंधाला के साथ अब नालागढ़ की ‘थाना’ पंचायत भी इसी वार्ड में रहेगी।
- खेड़ा (वार्ड-12) व रडियाली (वार्ड-13): मानपुरा, लोधीमाजरा और प्लासीकलां जैसी औद्योगिक महत्व वाली पंचायतों को यहाँ संगठित किया गया है।
- लग, बवासनी और बगलैहड़: नालागढ़ के दूरदराज और पहाड़ी क्षेत्रों जैसे रामशहर, दिग्गल और बघेरी को वार्ड 15, 16 और 17 में बांटा गया है।
आम जनता के लिए क्या बदलेगा?
इस अधिसूचना के लागू होने के बाद, अब भविष्य में होने वाले ज़िला परिषद चुनावों के लिए मतदाता सूचियों और मतदान केंद्रों का निर्धारण इसी नए परिसीमन के आधार पर होगा। ग्रामीणों को अब अपने ज़िला परिषद सदस्य (Zilla Parishad Member) चुनने के लिए अपने नए वार्ड की जानकारी होना आवश्यक है।
उपायुक्त द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा। ग्रामीण अपने क्षेत्र की विस्तृत जानकारी संबंधित खंड विकास अधिकारी (BDO) कार्यालय या पंचायत सचिव से भी प्राप्त कर सकते हैं।
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