सोलन: पेयजल की किल्लत और बेतरतीब पार्किंग से हांफ रहे सोलन शहर के बाशिंदों के लिए नगर निगम ने राहत का खाका खींच दिया है। महापौर सुषमा शर्मा ने मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपना पहला बजट पेश किया, जिसमें बुनियादी सुविधाओं को पटरी पर लाने पर पूरा जोर दिया गया है। चुनावी प्रक्रिया के चलते इस बार बजट में थोड़ी देरी जरूर हुई, लेकिन घोषणाओं ने शहरवासियों की उम्मीदों को पंख लगा दिए हैं।
हर घर पानी और लीकेज रोकने पर रहेगा फोकस
बजट में सबसे बड़ी प्राथमिकता पेयजल व्यवस्था को दी गई है। नगर निगम ने आगामी एक साल के भीतर शहर के प्रत्येक घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इसके लिए लगभग 8 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
योजना सिर्फ नई लाइनें बिछाने तक सीमित नहीं है, बल्कि मौजूदा तंत्र को दुरुस्त करने पर भी बल दिया गया है। पानी की पाइपलाइनों में होने वाली लीकेज को कम करना और जल भंडारण (स्टोरेज) क्षमता को बढ़ाना निगम की सूची में सबसे ऊपर है, ताकि उपलब्ध पानी का एक-एक बूंद का सदुपयोग हो सके और लोगों को नियमित आपूर्ति मिल सके।
बढ़ते ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या से मिलेगी निजात
गाड़ियों की बढ़ती संख्या और सिकुड़ती सड़कें सोलन के लिए नासूर बनती जा रही हैं। इस चुनौती से पार पाने के लिए बजट में पार्किंग सुविधाओं के विस्तार को भी अहम जगह मिली है। शहर में ऐसे रणनीतिक स्थानों की पहचान की जाएगी जहां नई पार्किंग का निर्माण किया जा सके। निगम को उम्मीद है कि इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से सड़कों पर वाहनों का दबाव घटेगा और लोगों को वाहन खड़ा करने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
पेयजल और पार्किंग के अलावा इस बजट में शहर के अन्य बुनियादी विकास कार्यों को भी गति देने की रूपरेखा तैयार की गई है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ये कागजी घोषणाएं जमीन पर कितनी जल्दी और प्रभावी ढंग से उतरती हैं, ताकि सोलन के आम नागरिकों को इनका वास्तविक लाभ मिल सके।









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