कंडाघाट में ₹200 करोड़ से बनेगा देश का पहला 'दिव्यांग शिक्षा उत्कृष्टता केंद्र

कंडाघाट में 200 करोड़ से बनेगा देश का पहला ‘दिव्यांग शिक्षा उत्कृष्टता केंद्र’, CM सुक्खू ने किया शिलान्यास

Himachal

कंडाघाट (सोलन): मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज जिला सोलन के कंडाघाट में एक ऐतिहासिक परियोजना की आधारशिला रखी। प्रदेश के दिव्यांग बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से यहाँ ‘दिव्यांगजन शिक्षा उत्कृष्टता केंद्र’ (Center of Excellence for Education of Divyangjan) का निर्माण किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर राज्य सरकार 200 करोड़ रुपये खर्च कर रही है।

खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री ने इस केंद्र का शिलान्यास उस समय किया, जब इसका 25 प्रतिशत निर्माण कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस संस्थान के पहले चरण का कार्य इस वर्ष अक्टूबर 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिया जाए।

45 बीघा में फैलेगा अत्याधुनिक कैंपस, मिलेगी हर सुविधा

मुख्यमंत्री ने बताया कि यह केंद्र 45 बीघा भूमि पर स्थापित किया जा रहा है, जो देश भर के लिए एक ‘मॉडल’ बनेगा।

  • आवासीय सुविधाएं: यहाँ 300 दिव्यांग बच्चों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा के साथ-साथ रहने के लिए आधुनिक हॉस्टल और खेल के मैदान तैयार किए जाएंगे।
  • ग्रीन एनर्जी पर जोर: संस्थान को पर्यावरण मित्र बनाने के लिए परिसर में 500 किलोवाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजना लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
  • कौशल विकास: यहाँ केवल पारंपरिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक प्रशिक्षण और कौशल विकास के पाठ्यक्रम भी संचालित होंगे।
  • वर्किंग विमेन हॉस्टल: संस्थान परिसर के भीतर ही ₹15.33 करोड़ की लागत से कामकाजी महिलाओं के लिए एक छात्रावास का निर्माण भी किया जाएगा।

सोलन जिले को 56 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

दिव्यांग केंद्र के शिलान्यास के साथ ही मुख्यमंत्री सुक्खू ने सोलन जिले के स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़ी घोषणाएं कीं:

  1. सोलन अस्पताल: जिला अस्पताल में विशेषज्ञ सुविधाओं और एक आधुनिक ट्रामा सेंटर के निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।
  2. सिविल अस्पताल कंडाघाट: स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए 5 करोड़ रुपये की घोषणा।
  3. खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन: कंडाघाट में खेल के मैदान के निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।

दिव्यांगजनों के लिए सरकार की बड़ी योजनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने के लिए कई वित्तीय योजनाएं चला रही है:

  • छात्रवृत्ति: 40% से अधिक दिव्यांगता वाले छात्रों को 625 से लेकर 3,750 तक की मासिक वित्तीय सहायता दी जा रही है।
  • सामाजिक सुरक्षा: पात्र दिव्यांगों को 1,150 से 1,700 तक की मासिक पेंशन प्रदान की जा रही है।
  • विवाह अनुदान: दिव्यांग व्यक्ति के विवाह पर सरकार 25,000 से 50,000 तक की सहायता राशि दे रही है।
  • बुनियादी ढांचा: सरकारी अस्पतालों में व्हीलचेयर और सार्वजनिक स्थानों जैसे बस अड्डों और बसों में रैंप व रेलिंग की सुविधा अनिवार्य की गई है।

‘व्यवस्था परिवर्तन’ की दिशा में एक और कदम

ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने इस अवसर पर कहा, “हमारी सरकार केवल घोषणाओं में नहीं, बल्कि धरातल पर काम करने में विश्वास रखती है। शिमला के हीरानगर में पहले से ही बौद्धिक रूप से अविकसित बच्चों के लिए मुफ्त आवासीय विद्यालय चलाया जा रहा है। कंडाघाट का यह नया केंद्र दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।”

कार्यक्रम की अन्य झलकियां: समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने जोगिन्द्रा बैंक के वर्ष 2026 के आधिकारिक कैलेंडर का विमोचन भी किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और सोलन निर्वाचन क्षेत्र में हो रहे चहुंमुखी विकास के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में विधायक संजय अवस्थी, विनोद सुल्तानपुरी और विवेक शर्मा, एचपीएसआईडीसी के उपाध्यक्ष अनुराग शर्मा, सोलन नगर निगम की महापौर ऊषा शर्मा, जोगिन्द्रा बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, बघाट बैंक के अध्यक्ष अरूण शर्मा, एपीएमसी सोलन के अध्यक्ष रोशन ठाकुर सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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