हिमालयन डॉन, शिमला। हिमाचल प्रदेश में प्रस्तावित पंचायत चुनावों को स्वच्छ, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। चुनाव प्रचार के दौरान सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी फैलाने, अनधिकृत पोस्टर-बैनर लगाने और प्रचार सामग्री इधर-उधर फेंकने वालों पर 500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि पंचायत चुनाव में प्रचार-प्रसार के लिए निर्धारित नियमों और स्थानों का पालन करना सभी प्रत्याशियों और उनके समर्थकों के लिए अनिवार्य होगा।
आयोग के निर्देशों के अनुसार, पंचायत सचिवों को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पंचायत स्तर पर वे यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी प्रत्याशी या समर्थक सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचाए और प्रचार सामग्री केवल निर्धारित स्थानों पर ही लगाई जाए। यदि कहीं भी नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
पंचायत चुनाव को लेकर गुरुवार को राज्य निर्वाचन आयोग की अहम बैठक होने जा रही है, जिसमें चुनाव प्रक्रिया से जुड़े नियमों, शर्तों और गाइडलाइन को अंतिम रूप दिया जाएगा। आयोग ने सभी जिलों के उपायुक्तों (डीसी) और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) की वर्चुअल बैठक बुलाई है। इस बैठक को पंचायत चुनावों की तैयारियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बैठक में कानून-व्यवस्था, मतदान केंद्रों की स्थिति, सुरक्षा प्रबंध, संवेदनशील और अति संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, कर्मचारियों की तैनाती तथा मतदाता सूचियों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही चुनाव आचार संहिता के सख्ती से पालन और निष्पक्ष, शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए जरूरी उपायों पर भी चर्चा होगी।
राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों को पहले ही आरक्षण रोस्टर, मतदाता सूची पुनरीक्षण और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। गुरुवार की बैठक में इन कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी ली जाएगी। पुलिस विभाग से चुनाव अवधि के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विस्तृत कार्ययोजना मांगी जाएगी, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
प्रदेश में 31 मई से पहले पंचायत चुनाव संपन्न कराए जाने हैं। ऐसे में आज की बैठक के बाद चुनावी रूपरेखा और अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है। प्रशासन का फोकस साफ-सुथरे, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने पर है, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूती मिल सके।
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