शिमला| हिमालयन डॉन, हिमाचल प्रदेश की सियासत में आगामी चुनावों और संगठनात्मक मजबूती को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। मंडी के अटल सभागार में 6 और 7 अप्रैल को भाजपा की प्रदेश पदाधिकारी और प्रदेश कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने जा रही है। इस बैठक में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व सहित प्रदेश भर के दिग्गज नेता जुटेंगे, जहाँ कांग्रेस सरकार के खिलाफ निर्णायक संघर्ष और भविष्य की चुनावी रणनीति का रोडमैप तैयार किया जाएगा।
सांगठनिक मजबूती और चुनावी रणनीति पर फोकस
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारी लाल शर्मा ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि यह दो दिवसीय मंथन प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को बूथ स्तर तक अभेद्य बनाना और आगामी पंचायती राज व स्थानीय निकाय चुनावों के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना है।
बैठक का विस्तृत शेड्यूल:
- 6 अप्रैल: प्रदेश पदाधिकारी बैठक, जिसमें प्रकोष्ठों के संयोजक, मीडिया, सोशल मीडिया और आईटी विभाग के साथ गहन चर्चा होगी। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल संगठन के कार्यों की रिपोर्ट पेश करेंगे।
- 7 अप्रैल: प्रदेश कार्यकारिणी की मुख्य बैठक होगी। इसमें राजनीतिक प्रस्ताव पारित किए जाएंगे और आगामी जन-आंदोलनों की रूपरेखा तय होगी।
दिग्गज नेताओं का लगेगा जमावड़ा
इस महामंथन में भाजपा का केंद्रीय और प्रादेशिक नेतृत्व एक मंच पर दिखेगा। बैठक में मुख्य रूप से प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह और राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग, प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा, सह प्रभारी संजय टंडन, पूर्व केंद्रीय मंत्री सांसद अनुराग ठाकुर, सांसद सुरेश कश्यप, डॉ. राजीव भारद्वाज सहित सभी विधायक और जिलाध्यक्ष भाग लेंगे।
”नौ दिन चले अढ़ाई कोस” वाली सरकार: बिहारी लाल शर्मा
कांग्रेस सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में विकास पूरी तरह ठप है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा:
“कांग्रेस सरकार की हालत ‘नौ दिन चले अढ़ाई कोस’ जैसी हो गई है। न नीति साफ है, न नीयत और न ही विकास का कोई विजन। जनता महंगाई और टैक्स के बोझ तले दबी है।”
भाजपा ने स्पष्ट किया है कि यह बैठक केवल औपचारिक नहीं है, बल्कि एक जन-आंदोलन का आधार है। पार्टी विधानसभा स्तर पर SIR अभियान और प्रशिक्षण महाभियान के जरिए कार्यकर्ताओं को धार देगी। भाजपा का लक्ष्य कांग्रेस सरकार की विफलताओं को घर-घर तक पहुँचाना और प्रदेश में सुशासन की वापसी के लिए जमीन तैयार करना है।
मंडी का यह ‘मंथन’ आने वाले समय में हिमाचल की राजनीति की दिशा और दशा तय करने वाला साबित होगा।
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