पीएम ई-बस सेवा: मुख्यमंत्री सुक्खू ने की पहाड़ी राज्यों के लिए नियमों में ढील देने की मांग

On: January 17, 2026 8:17 AM
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शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सक्खू ने नई दिल्ली में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की। इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘पीएम ई-बस सेवा योजना’ के तहत पहाड़ी क्षेत्रों के लिए विशेष छूट और मानदंडों में बदलाव का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि योजना के वर्तमान प्रावधानों के कारण हिमाचल प्रदेश इस योजना के तहत लाभ नहीं उठा पा रहा है, जबकि हिमाचल में राज्य सरकार ने ग्रीन मोबिलिटी के तहत अनेक कदम उठाए हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को यह भी बताया कि पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत राज्य के केवल एक शहर, शिमला को शामिल किया गया है क्योंकि यह योजना दस लाख जनसंख्या वाले शहरों में ही लागू होती है।

उन्होंने कहा कि धर्मशाला, मंडी, सोलन, पालमपुर, हमीरपुर, ऊना और बद्दी जैसे शहरी स्थानीय निकाय तेजी से आर्थिक और मानव संसाधन विकास के केंद्र बन रहे हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए हिमाचल प्रदेश को योजना के लाभ लेने के लिए मौजूदा मानदंडों में ढील दी जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार चरणबद्ध तरीके से डीज़ल बसों को इलेक्ट्रिक बसों से बदल रही है। सरकार ने 1500 डीज़ल बसों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक बसों से बदलने का निर्णय लिया है। इस पहल के तहत राज्य सरकार अपने संसाधनों से कैपिटल ऐक्सपेंडिचर मॉडल की 297 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद कर रही है।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि हिमाचल प्रदेश में ओपरेशनल एक्सपेंडिचर मॉडल के तहत माइलेज को कम कर 150 किलोमीटर तक सीमित करने का आग्रह किया, जो हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य के लिए एक व्यावहारिक लक्ष्य होगा। उन्होंने वर्तमान संचालन सहायता को 22 रुपये प्रति किलोमीटर से 52 रुपये प्रति किलोमीटर करने का भी आग्रह किया, ताकि राज्य परिवहन निगम बिना हानि के इलेक्ट्रिक बसों का संचालन सुनिश्चित कर सके।

उन्होंने हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीपीसीएल) के एकीकृत कार्यालय के लिए सुंदरनगर में उपलब्ध 47 बीघा भूमि के हस्तांतरण एवं आवंटन के लिए भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करने में सहयोग प्रदान करने का अनुरोध किया, ताकि एचपीपीसीएल के कार्य संचालन को सुगम बनाया जा सके। वर्तमान में इसके कार्यालय राज्य के विभिन्न स्थानों में स्थित हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने और समान प्रतिपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूंजी सहायता को वास्तव में प्राप्त माइलेज के आधार पर दिया जाना चाहिए।

केंद्रीय मंत्री ने राज्य को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

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