सोलन (हिमालयन डॉन ब्यूरो)। सोलन शहर में पेयजल संकट एक बार फिर लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। शहर में प्रतिदिन करीब 90 लाख लीटर पानी की जरूरत बताई जा रही है, लेकिन जल शक्ति विभाग से नगर निगम को केवल 54 लाख लीटर पानी की आपूर्ति होने का दावा है। ऐसे में मांग और आपूर्ति के बीच 36 लाख लीटर का अंतर शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।
हैरानी की बात यह है कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मौसम साफ है और पेयजल योजनाओं में सिल्ट की समस्या भी नहीं बताई जा रही है। इसके बावजूद शहर को जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि जब मौसम सामान्य है, तो आखिर पानी की पर्याप्त आपूर्ति क्यों नहीं हो रही?
मांग के मुकाबले 36 लाख लीटर कम पानी
सोलन शहर की अनुमानित दैनिक मांग करीब 90 लाख लीटर है, जबकि बताई गई आपूर्ति केवल 54 लाख लीटर है। यानी शहर को जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत पानी ही मिल पा रहा है।
इस अंतर का सीधा असर नगर निगम की जल वितरण व्यवस्था पर पड़ सकता है। सीमित पानी के कारण अलग-अलग वार्डों और कॉलोनियों में नियमित आपूर्ति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। वहीं, जिन क्षेत्रों में तय समय पर पानी नहीं पहुंचता, वहां लोगों की परेशानी और नाराजगी बढ़ना स्वाभाविक है।
मौसम साफ, फिर भी पेयजल संकट क्यों?
बरसात के दौरान सिल्ट, भारी बारिश और पेयजल योजनाओं में तकनीकी दिक्कतों के कारण आपूर्ति प्रभावित होना समझ में आता है। लेकिन सामान्य मौसम में भी यदि शहर को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है, तो इसकी वजह स्पष्ट किया जाना जरूरी है।
क्या पेयजल स्रोतों से पानी कम मिल रहा है? क्या पंपिंग, बिजली, पाइपलाइन या वितरण व्यवस्था में कोई तकनीकी समस्या है? अथवा पानी की उपलब्धता और शहर की वास्तविक मांग के बीच अंतर बढ़ गया है? इन सवालों का जवाब संबंधित विभाग की ओर से दिया जाना चाहिए।
हालांकि, केवल मौसम साफ होने और सिल्ट की समस्या नहीं होने से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि जलापूर्ति में किसी तरह की लापरवाही हुई है। इसके लिए पानी के स्रोतों, पंपिंग व्यवस्था और आपूर्ति के आधिकारिक आंकड़ों की जानकारी आवश्यक है।
नगर निगम के सामने भी चुनौती
कम मात्रा में पानी उपलब्ध होने पर नगर निगम के लिए सभी क्षेत्रों में समान रूप से आपूर्ति सुनिश्चित करना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में विभागों के बीच बेहतर समन्वय और वार्डवार जलापूर्ति की स्पष्ट जानकारी जरूरी है, ताकि लोगों को पता चल सके कि उनके क्षेत्र में पानी कब आएगा।
शहरवासियों को राहत देने के लिए जल शक्ति विभाग और नगर निगम को आपूर्ति की स्थिति स्पष्ट करने के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
सोलनवासियों को कब मिलेगी राहत?
सोलन में पानी की मांग और आपूर्ति के बीच सामने आए अंतर ने पेयजल व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जरूरत इस बात की है कि संबंधित विभाग पानी की कमी के वास्तविक कारणों को स्पष्ट करे और आपूर्ति बढ़ाने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी सार्वजनिक करे।
सबसे बड़ा सवाल यही है—जब शहर को प्रतिदिन करीब 90 लाख लीटर पानी चाहिए, तो 54 लाख लीटर की आपूर्ति से लोगों की जरूरत कैसे पूरी होगी?









रतन चंद जी नमस्कार🙏 'हिमालयन डान' के नए स्वरूप को सराहने और अपनी आत्मीय शुभकामनाएं भेजने के लिए हम आपका…