सोलन। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) द्वारा यात्रियों को बेहतर और सुचारु परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाने के दावों के बीच सोलन डिपो के ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े कुछ बस रूटों पर अव्यवस्था का मामला सामने आया है। सोलन से बाशा और बिशा जाने वाली बस सेवाएं पिछले करीब 15 दिनों से प्रभावित होने के कारण क्षेत्र के लोगों को रोजाना आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार दोनों रूटों पर चलने वाली बसें नियमित रूप से अपने निर्धारित रूट पर नहीं पहुंच रही हैं। कभी एक बस को बाशा रूट पर भेजा जाता है तो कभी दूसरी बस को बिशा की ओर रवाना किया जाता है। इसके चलते दोनों रूटों के यात्रियों को अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है और कई बार उन्हें बस सुविधा के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है।
विद्यार्थियों और कर्मचारियों पर सबसे अधिक असर
बस सेवाओं के प्रभावित होने का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों, कॉलेज विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और रोजाना सफर करने वाले ग्रामीणों पर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन ही आवागमन का प्रमुख साधन है। बस सेवा नियमित नहीं होने के कारण कई यात्रियों को पैदल चलने या निजी वाहनों तथा अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
क्षेत्र के लोगों के मुताबिक बसाल, धरोट, सैंज सहित करीब छह पंचायतों के ग्रामीण इस समस्या से प्रभावित हैं। नियमित बस सेवा नहीं मिलने के कारण विद्यार्थियों को कॉलेज और स्कूल पहुंचने में दिक्कत हो रही है, जबकि नौकरीपेशा लोगों के लिए समय पर कार्यस्थल पहुंचना चुनौती बन गया है।
कॉलेज विद्यार्थियों ने बताई रोजाना की परेशानी
स्थानीय निवासी महक, वंदना, विशाल और तुषार ने बताया कि बस सेवाएं प्रभावित होने के कारण उन्हें रोजाना कॉलेज आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ रही है। उनका कहना है कि निर्धारित रूट पर बस नहीं मिलने से समय और अतिरिक्त खर्च दोनों बढ़ रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने निगम से मांग की है कि बाशा और बिशा दोनों रूटों पर निर्धारित बस सेवाओं को नियमित रूप से संचालित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों, कर्मचारियों और अन्य यात्रियों को राहत मिल सके।
जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि एचआरटीसी की ओर से जल्द दोनों रूटों पर बस सेवाएं नियमित नहीं की गईं तो क्षेत्रवासी आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। लोगों ने परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए परिवहन मंत्री से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन केवल सुविधा नहीं बल्कि लोगों की दैनिक जरूरत है। ऐसे में बस सेवाओं का लगातार प्रभावित रहना विद्यार्थियों, कर्मचारियों, बुजुर्गों और आम यात्रियों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन रहा है।
स्थानीय लोगों ने एचआरटीसी के अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर बाशा और बिशा रूट की दोनों बस सेवाओं को निर्धारित समय-सारणी के अनुसार शीघ्र नियमित करने की मांग की है।









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