मानसून में बच्चों की सेहत को लेकर सोलन शिक्षा विभाग सख्त, हर माह दर्ज करना होगा पेयजल जांच और सफाई का रिकॉर्ड
सोलन। मानसून के मौसम में जलजनित बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए सोलन जिले के सरकारी और निजी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब स्कूल प्रबंधन को अपने स्तर पर पेयजल की गुणवत्ता की जांच करनी होगी।
एक सप्ताह की छुट्टियों के बाद स्कूल खुलते ही पेयजल की जांच प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए स्कूलों को आवश्यक जल परीक्षण किट उपलब्ध करवाई गई हैं। पानी की जांच के बाद इसकी रिपोर्ट संबंधित विभाग को सौंपना अनिवार्य होगा।
पेयजल टंकियों की करनी होगी गहराई से सफाई
शिक्षा विभाग ने स्कूलों में पेयजल आपूर्ति शुरू करने से पहले पानी की टंकियों की गहराई से सफाई और उन्हें रोगाणुमुक्त करने के निर्देश दिए हैं। स्कूल प्रबंधन को यह सुनिश्चित करना होगा कि विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाया जा रहा पानी पूरी तरह स्वच्छ और सुरक्षित हो।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई स्कूल समय पर पेयजल की जांच नहीं करवाता है या पानी की टंकियों की सफाई में लापरवाही बरतता है, तो उसके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।
हर माह देना होगा पानी की जांच का रिकॉर्ड
स्कूलों में पेयजल की गुणवत्ता और टंकियों की सफाई का पूरा रिकॉर्ड रखने के लिए अलग रजिस्टर लगाया जाएगा। इसमें हर माह पानी की जांच की रिपोर्ट के साथ टंकियों की सफाई की तिथि भी दर्ज करनी होगी। इससे स्कूलों में पेयजल व्यवस्था की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जा सकेगी।
विद्यार्थियों को भी किया जाएगा जागरूक
शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधन को विद्यार्थियों को जलजनित बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक करने के निर्देश भी दिए हैं। विद्यार्थियों को स्वच्छ पानी पीने, व्यक्तिगत स्वच्छता रखने और दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी।
शिक्षा उपनिदेशक उच्च शिक्षा सोलन मधु जनारथा ने बताया कि सभी स्कूलों को पेयजल टंकियों की सफाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही विद्यार्थियों को जलजनित बीमारियों के बारे में जागरूक करने को कहा गया है। स्कूलों में पानी की जांच के बाद इसकी रिपोर्ट भी सौंपनी होगी। इसके लिए अलग रजिस्टर रखा जाएगा, जिसमें हर माह पानी की जांच और टंकियों की सफाई का रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा।
शिक्षा विभाग का उद्देश्य मानसून के दौरान विद्यार्थियों को जलजनित बीमारियों से बचाना और स्कूलों में सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।









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