राजगढ़ अस्पताल मामला: शौचालय में मिले भ्रूण की मां निकली 15 साल की किशोरी, दुष्कर्म का शिकार होने के बाद हुई थी गर्भवती

On: April 23, 2026 4:18 PM
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Police investigation at Rajgarh Civil Hospital Himachal Pradesh crime scene.
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हिमालयन डॉन संवाददाता, राजगढ़ (सिरमौर): हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला स्थित राजगढ़ सिविल अस्पताल के शौचालय में मिले नवजात के भ्रूण मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। मात्र 24 घंटों के भीतर पुलिस ने इस गुत्थी को सुलझाते हुए पाया कि नवजात की मां कोई महिला नहीं, बल्कि महज 15 साल की एक किशोरी है, जो दुष्कर्म का शिकार हुई थी।

​अस्पताल के शौचालय में मिला था निर्जीव भ्रूण

​मामले की शुरुआत बुधवार सुबह हुई, जब अस्पताल के सफाई कर्मचारी ने शौचालय में एक नवजात का शव देखा। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में यह साढ़े पांच महीने का एक निर्जीव भ्रूण पाया गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अस्पताल के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले, जिसमें एक किशोरी संदिग्ध हालत में भागती हुई नजर आई।

​लोक-लाज के भय से भाग गई थी किशोरी

​पुलिस जांच में सामने आया कि साढ़े 15 वर्षीय किशोरी पेट में असहनीय दर्द के कारण अस्पताल आई थी। शौचालय जाने के दौरान उसका गर्भपात (Miscarriage) हो गया। डरी-सहमी किशोरी लोक-लाज और बदनामी के डर से भ्रूण को वहीं छोड़कर फरार हो गई। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद किशोरी को ढूंढ निकाला और जब उससे पूछताछ की गई, तो रोंगटे खड़े कर देने वाली सच्चाई सामने आई।

​दुष्कर्म का खुलासा: 20-22 साल के युवक ने की थी दरिंदगी

​किशोरी ने पुलिस को बताया कि कुछ समय पहले एक 20 से 22 साल के युवक ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया था। इस घृणित अपराध के कारण वह गर्भवती हो गई। डर के मारे वह चुप रही और करीब साढ़े पांच महीने तक इस असहनीय दर्द और ‘पाप के बोझ’ को भीतर ही भीतर सहती रही। जब दर्द बर्दाश्त से बाहर हुआ, तब वह अस्पताल पहुंची थी।

​आरोपी की तलाश तेज, POCSO के तहत मामला दर्ज

​पुलिस अधीक्षक (SP) एनएस नेगी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वयं कमान संभाली है। उन्होंने बताया:

  • ​आरोपी युवक की पहचान कर ली गई है।
  • ​आरोपी के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) की कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
  • ​बरामद भ्रूण को फोरेंसिक प्रयोगशाला भेजा गया है ताकि आरोपी के पकड़े जाने पर DNA मिलान किया जा सके।

​पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा और उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। यह घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है और क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

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Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

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