शिमला: हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी और बारिश के बाद अब मौसम एक बार फिर करवट बदलने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने राज्य में एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने की चेतावनी जारी की है। इसके प्रभाव से आगामी दिनों में प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश का दौर फिर से शुरू होने की संभावना है।
27 जनवरी को भारी बर्फबारी और बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग (IMD) ने 27 जनवरी को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बर्फबारी, बारिश और तेज हवाओं को लेकर ‘यलो अलर्ट’ जारी किया है। विभाग के अनुसार, इस दौरान सुंदरनगर, शिमला, कांगड़ा, भुंतर और जोत जैसे क्षेत्रों में बादलों की गर्जना के साथ बिजली गिरने की भी आशंका है। हालांकि, राहत की बात यह है कि 29 जनवरी से मौसम के धीरे-धीरे साफ होने की उम्मीद जताई गई है।
शून्य से नीचे लुढ़का पारा: हाड़ कंपाने वाली ठंड
प्रदेश में शीतलहर का प्रकोप जारी है। राज्य के 11 प्रमुख स्थानों पर न्यूनतम तापमान शून्य (0°C) से नीचे दर्ज किया गया है।
- कुकुमसेरी: -7.2°C (सबसे ठंडा)
- कल्पा: -3.8°C
- शिमला: -0.5°C
- मनाली: -0.4°C
इसके अलावा नारकंडा, कुफरी, मशोबरा और ताबो जैसे पर्यटक स्थलों में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जिससे स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पर्यटकों की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
बर्फबारी से बुनियादी सेवाएं ठप: 780 बस रूट बंद
भारी हिमपात ने प्रदेश की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
- यातायात: हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के करीब 780 रूट पूरी तरह बंद हो गए हैं। सड़कों पर बर्फ जमने के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में 235 बसें फंसी हुई हैं।
- पेयजल संकट: कड़ाके की ठंड और पाइपों के फटने या जमने के कारण 126 पेयजल परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे कई गांवों में पानी की किल्लत पैदा हो गई है।
- बिजली और संचार: कई दुर्गम इलाकों में बिजली की लाइनें टूटने से अंधेरा छाया हुआ है।
प्रशासन की सलाह
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है। खराब मौसम के दौरान भूस्खलन (Landslides) और हिमस्खलन (Avalanches) का खतरा बढ़ जाता है। यात्रा करने से पहले सड़क की स्थिति और मौसम के अपडेट की जानकारी जरूर लें।
