शिमला | हिमाचल प्रदेश पुलिस ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कार्यकुशलता का लोहा मनवाया है। आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ERSS-112) के तहत औसत रिस्पॉन्स टाइम (Response Time) के मामले में हिमाचल प्रदेश पुलिस पूरे देश में पहले स्थान पर रही है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि हिमाचल की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद पुलिस ने अन्य राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।
मुख्यमंत्री ने दी बधाई: पुलिस की निष्ठा का परिणाम
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस ऐतिहासिक सफलता के लिए हिमाचल पुलिस को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश पुलिस ने देश में सबसे तेज़ सहायता प्रदान कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह सफलता ईआरएसएस-112 टीमों और प्रदेश के विभिन्न थानों में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों की पेशेवर दक्षता और टीमवर्क का प्रमाण है।
‘स्पीड, सेंसिटिविटी और सर्विस’ का मंत्र
मुख्यमंत्री सुक्खू ने पुलिस बल को भविष्य के लिए ‘स्पीड, सेंसिटिविटी और सर्विस’ (गति, संवेदनशीलता और सेवा) का मूल मंत्र दिया। उन्होंने कहा, “यह रैंकिंग केवल एक संख्या नहीं है, बल्कि इस भरोसे की जीत है कि जब भी प्रदेश का कोई नागरिक संकट में सहायता मांगेगा, पुलिस सबसे पहले उसके पास पहुंचेगी।”
तकनीक और अनुशासन से मिली सफलता
पुलिस महानिदेशक (DGP) अशोक तिवारी ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह अनुशासित कार्यप्रणाली और आधुनिक तकनीक के बेहतर तालमेल का नतीजा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे कठिन पर्वतीय रास्तों और सीमित संसाधनों के बावजूद सशक्त फील्ड-स्तर के पर्यवेक्षण (Supervision) की वजह से यह मुकाम हासिल हुआ है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह उपलब्धि?
- भौगोलिक चुनौती: मैदानी राज्यों की तुलना में हिमाचल के पहाड़ी रास्तों पर पहुंचना कठिन होता है।
- सीमित संसाधन: कम संसाधनों में बेहतर प्रबंधन की मिसाल पेश की गई।
- नागरिक सुरक्षा: रिस्पॉन्स टाइम कम होने का सीधा मतलब है संकट के समय जान-माल की बेहतर सुरक्षा।
हिमाचल प्रदेश पुलिस की यह उपलब्धि राज्य सरकार की त्वरित सेवा प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इससे न केवल पुलिस का मनोबल बढ़ा है, बल्कि जनता का विश्वास भी और मजबूत हुआ है।
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