शिमला | 12 जनवरी, 2026
हिमाचल प्रदेश सरकार ने नशे (चिट्टा) के विरुद्ध अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को और कड़ा करते हुए आज एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। प्रदेश सरकार ने एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के मामलों में संलिप्त पाए जाने पर 11 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शिमला में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद स्पष्ट किया कि कानून के रक्षकों द्वारा ही कानून तोड़ना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संविधान के अनुच्छेद 311(2)(बी) के तहत कार्रवाई
यह कड़ी कार्रवाई भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311(2)(बी) के तहत की गई है, जो असाधारण परिस्थितियों में बिना किसी औपचारिक जांच के लोक सेवकों को बर्खास्त करने का अधिकार देती है। यह कदम पुलिस बल के भीतर अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
बर्खास्त किए गए पुलिसकर्मियों की सूची:
- इंस्पेक्टर नीरज कुमार (1-IRB बनगढ़)
- कांस्टेबल शुभम ठाकुर (जिला बिलासपुर)
- कांस्टेबल कपिल (3-IRB पंडोह)
- कांस्टेबल शिव कुमार (SDRF)
- कांस्टेबल लक्ष्य चौहान (जिला शिमला)
- कांस्टेबल/ड्राइवर विशाल ठाकुर (SV & ACB)
- कांस्टेबल गौरव वर्मा (4-IRB जंगलबैरी)
- कांस्टेबल/ड्राइवर संदीप राणा (2-IRB सकोह)
- कांस्टेबल अंकुश कुमार (SDRF)
- कांस्टेबल रजत चंदेल (स्टेट सीआईडी)
- कांस्टेबल राहुल वर्मा (जिला शिमला)
संपत्ति की होगी जांच और विस्तृत रिपोर्ट
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि चिट्टा गतिविधियों में शामिल सभी कर्मचारियों की विस्तृत रिपोर्ट मुख्य सचिव को सौंपी जाए। साथ ही, इन कर्मचारियों द्वारा नशे के कारोबार से कमाई गई अवैध संपत्ति की भी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
नशे की सूचना देने वालों के लिए लाखों के इनाम का ऐलान
मुख्यमंत्री ने नशे के सौदागरों को पकड़ने के लिए आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु भारी इनाम राशि की घोषणा की है:
| चिट्टे की मात्रा | इनाम राशि |
| 2 ग्राम तक | ₹ 10,000 |
| 5 ग्राम तक | ₹ 25,000 |
| 25 ग्राम तक | ₹ 50,000 |
| 1 किलोग्राम तक | ₹ 5,00,000 |
| 1 किलो से अधिक | ₹ 10,00,000 |
कैसे दें सूचना? नशे से संबंधित किसी भी जानकारी को साझा करने के लिए प्रदेश सरकार ने आपातकालीन नंबर 112 जारी किया है। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी।
