अस्पतालों में ओपीडी खुली, डॉक्टरों के काम पर लौटते ही मरीजों की बढ़ी उम्मीदें

On: December 29, 2025 7:43 PM
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शिमला। आईजीएमसी में मारपीट प्रकरण के बाद शुरू हुई रेजिडेंट डॉक्टरों और मेडिकल ऑफिसर्स की हड़ताल रविवार देर रात समाप्त होने के बाद सोमवार सुबह से प्रदेशभर के अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं सुचारू रूप से शुरू हो गईं। हड़ताल खत्म होने से आम लोगों ने राहत की सांस ली और मरीजों ने अस्पतालों का रुख किया।

आईजीएमसी–केएनएच और डीडीयू में सामान्य हुई व्यवस्था

आईजीएमसी, केएनएच और डीडीयू अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों ने ओपीडी में मोर्चा संभाल लिया। हालांकि कई मरीजों ने यह मानकर अस्पताल का रुख देर से किया कि हड़ताल के बाद भी स्थिति सामान्य नहीं होगी, जिसके चलते सुबह ओपीडी में भीड़ अपेक्षाकृत कम रही।

डीडीयू अस्पताल में सुबह 11 बजे तक 277 मरीजों का पंजीकरण हो चुका था। अधिकांश विभागों में डॉक्टर मौजूद थे, हालांकि जैरियेट्रिक ओपीडी में चिकित्सक उपलब्ध न होने से मरीजों को अन्य विभागों में भेजा गया। आर्थोपेडिक, मेडिसिन, स्त्री रोग, डेंटल और आई ओपीडी में भी मरीजों का उपचार शुरू हो गया, लेकिन भीड़ सामान्य दिनों की तुलना में कम रही।

रेजिडेंट डॉक्टरों ने सीएम के आश्वासन के बाद वापस ली हड़ताल

रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA) ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मिले आश्वासन के बाद हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया गया। सीएम ने बर्खास्त चिकित्सक डॉ. राघव निरूला के मामले की विस्तृत जांच और आदेशों की समीक्षा का भरोसा दिलाया है।
आरडीए ने कहा कि जनहित को ध्यान में रखते हुए हड़ताल खत्म की गई है। अगली रणनीति पर चर्चा के लिए 3 जनवरी को बैठक होगी।

कुछ डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर आपत्ति जारी

आरडीए का एक धड़ा सुरक्षा संबंधी माँगों को लेकर अभी भी असंतुष्ट है। इस गुट का कहना है कि अस्पतालों में सुरक्षा, सीसीटीवी, महिला डॉक्टरों के लिए ड्यूटी रूम जैसी सुविधाएं सुनिश्चित होने तक आंदोलन जारी रखने की जरूरत है। इसी को लेकर रविवार शाम को आईजीएमसी के गेट पर “We Want Justice” के नारे लगे।

मुख्यमंत्री बोले—डॉक्टर का करियर बर्बाद करना उद्देश्य नहीं

नई दिल्ली से लौटने पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी डॉक्टर का करियर खराब करना नहीं है, लेकिन बार-बार गलती होने पर कार्रवाई जरूरी है।
सीएम ने डॉक्टरों से “अहंकार त्यागकर” हड़ताल खत्म कर सेवाएं बहाल करने की अपील की थी और आश्वस्त किया था कि सरकार चिकित्सकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।

Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

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