हिमाचल के किसानों-बागवानों का इंतजार होगा खत्म! 16 जनवरी से बरसेंगे बादल, बर्फबारी का भी अलर्ट

On: January 15, 2026 9:05 AM
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शिमला | हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से जारी सूखे और कड़ाके की ठंड के बीच अब राहत की खबर आई है। पिछले काफी समय से बारिश और बर्फबारी की राह देख रहे किसानों और बागवानों के लिए मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने उम्मीद की किरण जगाई है। प्रदेश में 16 जनवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने जा रहा है, जिससे खेती और बागवानी को नया जीवन मिलने की आस जगी है।

किसानों और बागवानों की बढ़ी चिंता

प्रदेश में लंबे समय से बारिश न होने के कारण सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं। इसका सबसे बुरा असर रबी की फसलों और सेब के बागानों पर पड़ रहा है। नमी की कमी के कारण किसान परेशान थे, लेकिन मौसम विभाग के ताजा अनुमान ने अब उन्हें बड़ी राहत दी है।

अगले 4 दिनों का मौसम पूर्वानुमान

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, 16 से 20 जनवरी के बीच राज्य के कई हिस्सों में मौसम खराब रहेगा:

  • उच्च पर्वतीय व जनजातीय क्षेत्र: लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चंबा के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी की संभावना है।
  • मध्य व निचले क्षेत्र: शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और हमीरपुर जैसे इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।
  • मैदानी इलाके: ऊना, बिलासपुर और पांवटा साहिब में गुरुवार को घना कोहरा और शीतलहर (Cold Wave) का कहर जारी रहेगा।
शून्य से नीचे लुढ़का पारा, ‘सूखी ठंड’ ने ठिठुराया

वर्तमान में हिमाचल प्रदेश ‘सूखी ठंड’ की चपेट में है। जनजातीय इलाकों में तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे चल रहा है:

  • ताबो: -5.1°C
  • कुकुमसेरी: -4.9°C
  • ऊना व मैदानी क्षेत्र: यहाँ न्यूनतम तापमान शिमला से भी कम दर्ज किया जा रहा है। सुबह के समय कोहरे के कारण विजिबिलिटी (दृश्यता) महज 50 मीटर तक रह गई है।
पर्यटन और बागवानी के लिए अहम

शिमला और मनाली पहुंचे पर्यटक बर्फबारी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वहीं बागवानों के लिए यह बर्फबारी ‘सफेद सोना’ मानी जाती है, क्योंकि सेब की फसल के लिए चिलिंग ऑवर (ठंड के घंटे) पूरे होना बेहद जरूरी है। यदि 16 जनवरी से उम्मीद के मुताबिक बारिश-बर्फबारी होती है, तो यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए संजीवनी साबित होगी।

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Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

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