आरडीजी पर सियासत तेज, जय राम ठाकुर से स्पष्ट रुख की मांग

On: February 25, 2026 6:35 PM
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हिमाचल में RDG पर सियासत, कांग्रेस का पलटवार
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शिमला: हिमाचल प्रदेश में राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें प्रदेश की जनता को गुमराह करने के बजाय आरडीजी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर भाजपा की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

मंत्रियों ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत आरडीजी राज्यों का अधिकार है। यदि इसे बंद किया जाता है तो हिमाचल प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा।

ईएपी ऋण, आरडीजी अनुदान
मंत्रियों ने स्पष्ट किया कि बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाएं (ईएपी) अनुदान नहीं बल्कि ऋण हैं। इसके विपरीत आरडीजी एक ग्रांट है, जो प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों और आर्थिक चुनौतियों को देखते हुए दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान इस मुद्दे पर विपक्ष का रुख जनता के सामने स्पष्ट हो चुका है और प्रदेश की जनता अब राजनीतिक बयानबाजी को समझ रही है।

कांग्रेस का आरोप—दिल्ली में प्रभावी पैरवी नहीं
मंत्रियों ने आरोप लगाया कि जन दबाव के चलते जय राम ठाकुर को केंद्रीय वित्त मंत्री से मुलाकात करनी पड़ी, लेकिन वे हिमाचल के हितों की प्रभावी पैरवी नहीं कर सके। उनका कहना है कि बेहतर होता यदि आरडीजी की बहाली के लिए ठोस आश्वासन लेकर लौटते।

अधिकारों पर समझौता नहीं: कांग्रेस
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के किसी भी नेता ने आरडीजी बहाली के समर्थन में स्पष्ट बयान नहीं दिया है, जबकि पहले वित्त आयोग के समक्ष इसकी आवश्यकता पर जोर दिया गया था। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के अधिकारों पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा और हर मंच पर मजबूती से पक्ष रखा जाएगा।

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Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

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