उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने CM से की मुलाकात, ‘कचनार’ के फूल भेंट कर जताया आभार
शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। यह बात मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने आज यहां उप-मुख्य सचेतक Kewal Singh Pathania के साथ हुई मुलाकात के दौरान कही।
उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने बजट 2026-27 में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना करते हुए उनसे भेंट की और आभारस्वरूप ‘कचनार’ के फूल भेंट किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में सरकार ने दुग्ध उत्पादकों को राहत देते हुए गाय के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का MSP 71 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। इसके साथ ही दूध को संग्रह केंद्रों तक पहुंचाने के लिए परिवहन सहायता को 3 रुपये से बढ़ाकर 6 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में ऐतिहासिक वृद्धि की गई है। अब गेहूं और जौ का MSP 80 रुपये प्रति किलोग्राम, मक्का का 50 रुपये प्रति किलोग्राम और हल्दी का 150 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है। वहीं, अदरक को पहली बार MSP के दायरे में शामिल करते हुए 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर तय की गई है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि Kangra district के ढगवार में लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया जा रहा है, जिससे दुग्ध उत्पादन और विपणन को नई गति मिलेगी।
सरकार की इन पहलों को राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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