आरकेएस की बैठक में कई अहम फैसले, महंगे उपकरणों और संसाधनों का हवाला देकर बढ़ाई जा सकती हैं दरें; नई फीस के लिए सरकार की मंजूरी जरूरी
शिमला। हिमाचल प्रदेश के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) शिमला में इलाज करवाना आने वाले समय में मरीजों की जेब पर भारी पड़ सकता है। अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी की दरों में बढ़ोतरी की तैयारी है। वहीं, अब तक मुफ्त मिलने वाली एक्सरे सुविधा के लिए भी मरीजों को शुल्क चुकाना पड़ सकता है।
शुक्रवार को रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) की बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा के बाद शुल्क बढ़ाने की दिशा में निर्णय लिया गया। अस्पताल प्रबंधन नई दरें निर्धारित करने की तैयारी कर रहा है। हालांकि, प्रस्तावित शुल्क लागू करने के लिए सरकार की मंजूरी जरूरी होगी।
रोबोटिक सर्जरी के लिए अभी देने पड़ते हैं 30 से 50 हजार रुपये
आईजीएमसी में वर्तमान में सामान्य वार्ड के मरीजों से रोबोटिक सर्जरी के लिए 30 हजार रुपये और स्पेशल वार्ड में भर्ती मरीजों से 50 हजार रुपये शुल्क लिया जाता है।
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि रोबोटिक सर्जरी में इस्तेमाल होने वाले महंगे उपकरणों और अन्य संसाधनों पर होने वाले खर्च को देखते हुए मौजूदा दरों में बढ़ोतरी की जरूरत है। इसके लिए एक समिति गठित की गई है, जो नई दरों का प्रस्ताव तैयार करेगी।
समिति की ओर से प्रस्ताव तैयार होने के बाद इसे सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद ही आईजीएमसी में रोबोटिक सर्जरी की नई दरें लागू की जा सकेंगी।
चमियाणा अस्पताल में पहले ही बढ़ चुकी हैं दरें
शिमला के अटल सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चमियाणा में रोबोटिक सर्जरी की दरों में फरवरी में बढ़ोतरी की जा चुकी है।
यहां सामान्य वार्ड के मरीजों के लिए रोबोटिक सर्जरी का शुल्क 30 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया है। वहीं, स्पेशल वार्ड के मरीजों के लिए यह शुल्क 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 80 हजार रुपये निर्धारित किया गया है।
अब आईजीएमसी में भी रोबोटिक सर्जरी की दरें बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। अस्पताल प्रबंधन नई दरें निर्धारित करने के लिए वर्ष 2022 में तय किए गए शुल्क को आधार बनाने पर विचार कर रहा है।
मुफ्त एक्सरे सुविधा पर भी लग सकता है शुल्क
आईजीएमसी में अभी तक मरीजों को एक्सरे की सुविधा मुफ्त उपलब्ध करवाई जा रही है। लेकिन आरकेएस की बैठक में अब इस सुविधा के लिए भी शुल्क निर्धारित करने का निर्णय लिया गया है।
यदि नई दरें लागू होती हैं, तो मरीजों को एक्सरे करवाने के लिए भी अपनी जेब से पैसे खर्च करने पड़ेंगे। अस्पताल प्रबंधन शुल्क निर्धारित करने की प्रक्रिया में जुटा है।
हालांकि, एक्सरे की नई दरें कितनी होंगी और कब से लागू की जाएंगी, इस संबंध में अभी अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।
सफाई व्यवस्था और सामान ढुलाई के ठेके पर भी चर्चा
आरकेएस की बैठक में अस्पताल की सफाई व्यवस्था को लेकर भी चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि नई टेंडर प्रक्रिया पूरी होने तक वर्तमान में सफाई सेवाएं प्रदान कर रही कंपनी ही अस्पताल में काम जारी रखेगी।
इसके अलावा अस्पताल में सामान की ढुलाई के लिए मौजूदा ठेकेदार के टेंडर को भी पुरानी दरों पर नवीनीकृत करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान भी मौजूद रहे।
रोबोटिक सर्जरी से मरीजों को मिलते हैं कई फायदे
रोबोटिक सर्जरी आधुनिक चिकित्सा तकनीक का हिस्सा है। इसमें पारंपरिक सर्जरी की तुलना में छोटे चीरे लगाने की सुविधा मिल सकती है। इसके चलते कई मामलों में रक्तस्राव कम होने और मरीज के जल्दी रिकवर होने की संभावना रहती है।
कुछ मामलों में अस्पताल में मरीज के रहने की अवधि भी कम हो सकती है। हालांकि, सर्जरी का परिणाम मरीज की बीमारी, स्वास्थ्य स्थिति और उपचार की प्रक्रिया पर निर्भर करता है।
आईजीएमसी में रोबोटिक सर्जरी की दरों और एक्सरे शुल्क में संभावित बढ़ोतरी का असर यहां उपचार करवाने पहुंचने वाले मरीजों पर पड़ सकता है। नई दरें लागू होने के बाद मरीजों को इन सुविधाओं के लिए पहले से अधिक खर्च करना पड़ सकता है।
हिमालयन डॉन | शिमला









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