शिमला सबसे आगे, कई जिलों में भाईचारे की मिसाल; पंचायत चुनावों में दिखी अनोखी तस्वीर
हिमालयन डॉन संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश के पंचायती राज चुनावों में इस बार कई गांवों ने लोकतंत्र की नई मिसाल पेश की है। प्रदेशभर में 131 ग्राम पंचायतें ऐसी रहीं जहां बिना मतदान के ही पंचायतों का गठन हो गया। इन पंचायतों में सभी पदों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं।
सबसे ज्यादा 42 ग्राम पंचायतें शिमला जिले में निर्विरोध बनीं, जबकि सिरमौर में 22, मंडी में 17 और किन्नौर-लाहुल स्पीति में 18 पंचायतों में बिना मुकाबले प्रतिनिधि चुने गए। गांवों में आपसी सहमति और भाईचारे की यह तस्वीर अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है।
10,854 उम्मीदवार बिना मुकाबले जीते
पंचायत चुनावों में 15 मई के बाद से अब तक कुल 10,854 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। इनमें सबसे अधिक 10,307 वार्ड सदस्य शामिल हैं। शिमला जिले में 1,687, कांगड़ा में 1,657 और कुल्लू में 1,296 वार्ड सदस्य बिना मुकाबले चुने गए हैं।
इसके अलावा कई पंचायत समिति सदस्य, प्रधान और उपप्रधान पदों पर भी उम्मीदवारों को सीधे जीत मिली है। चुनाव आयोग के अनुसार इस बार ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर लोगों ने आपसी सहमति से उम्मीदवार तय किए, जिससे चुनावी मुकाबले की जरूरत ही नहीं पड़ी।
जिलावार आंकड़ों ने खींचा ध्यान
शिमला
21 पंचायत समिति सदस्य निर्विरोध
51 प्रधान निर्विरोध
87 उपप्रधान निर्विरोध
सिरमौर
18 पंचायत समिति सदस्य निर्विरोध
32 प्रधान निर्विरोध
71 उपप्रधान निर्विरोध
मंडी
12 पंचायत समिति सदस्य निर्विरोध
17 ग्राम पंचायतें बिना मुकाबले बनीं
किन्नौर-लाहुल स्पीति
7 पंचायत समिति सदस्य निर्विरोध
22 प्रधान निर्विरोध
23 उपप्रधान बिना मुकाबले चुने गए
29 अप्रैल को जारी हुई थी अधिसूचना
पंचायत चुनावों के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने 29 अप्रैल 2026 को अधिसूचना जारी की थी। नामांकन प्रक्रिया 7, 8 और 11 मई को हुई, जबकि 12 और 13 मई को नामांकन पत्रों की जांच की गई। 15 मई को नाम वापसी के बाद उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए गए।
अब जिन पंचायतों में मुकाबला बचा है वहां चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं और ग्रामीण संसद बनाने की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।
आयोग ने की शांतिपूर्ण चुनाव की अपील
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव सुरजीत सिंह राठौर ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से आगे बढ़ रही है। उन्होंने मतदाताओं और प्रत्याशियों से लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने में सहयोग देने की अपील की।
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