शिमला, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और कांगड़ा में अगले 24 घंटे भारी पड़ सकते हैं, बागवानों को सतर्क रहने की सलाह
हिमालयन डॉन संवाददाता, शिमला, 05 जून, 2026। हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होते ही मौसम ने अचानक करवट ले ली है। प्रदेश के कई जिलों में वीरवार को तेज बारिश, ओलावृष्टि, आंधी और गरज-चमक ने जनजीवन को प्रभावित किया। मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट के बीच राजधानी शिमला समेत कई क्षेत्रों में मौसम का रौद्र रूप देखने को मिला।
राजधानी शिमला में दोपहर बाद अचानक तेज गर्जना के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, जो करीब एक घंटे तक जारी रही। वहीं शिमला जिला के ऊपरी क्षेत्रों और सोलन जिला के दाड़लाघाट से सटे इलाकों में ओलावृष्टि ने किसानों और बागवानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मौसम का असर सेब और अन्य गुठलीदार फलों की फसलों पर पड़ सकता है।
प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी तेज हवाओं और बिजली की कड़क के साथ बारिश दर्ज की गई। जून की तपती गर्मी से परेशान लोगों को मौसम के इस बदलाव से राहत जरूर मिली है, लेकिन किसानों और बागवानों के लिए यह चिंता का विषय बन गया है।
ऊंची चोटियों पर बर्फबारी, बढ़ी ठंडक
मौसम में आए बदलाव का असर प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी देखने को मिला। राज्य की ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं पर हल्की बर्फबारी दर्ज की गई है, जिससे पहाड़ी इलाकों में तापमान में गिरावट आई है और ठंडक बढ़ गई है।
5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने अगले 24 घंटों के लिए कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 5 जून को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। इसके साथ कई स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।
इसके अलावा चंबा, कांगड़ा और सोलन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर भी लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है।
10 जून तक खराब रह सकता है मौसम
मौसम विभाग के अनुसार 6 जून को भी प्रदेश के अधिकांश भागों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। हवाओं की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
विभाग का अनुमान है कि 7 जून से 10 जून तक भी हिमाचल के अधिकांश हिस्सों में मौसम खराब बना रहेगा। हालांकि इस अवधि के लिए फिलहाल कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है।
कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश?
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में सबसे अधिक 25 मिलीमीटर वर्षा बिजाही में दर्ज की गई। इसके अलावा खदराला में 7 मिलीमीटर, कोटखाई में 4 मिलीमीटर और भावानगर में 2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
तापमान में आई गिरावट
बारिश और बादलों के कारण प्रदेश के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। कुकुमसेरी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
शिमला में 16 डिग्री, सोलन में 17.2 डिग्री, धर्मशाला में 17.7 डिग्री, नाहन में 18.9 डिग्री, मंडी में 19.7 डिग्री और ऊना में 21.5 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
किसानों और बागवानों के लिए चेतावनी
मौसम विभाग ने किसानों और बागवानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। ओलावृष्टि और तेज हवाओं से फसलों तथा बागानों को नुकसान पहुंच सकता है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है।
फिलहाल आने वाले कुछ दिनों तक हिमाचल में मौसम का यही मिजाज बने रहने की संभावना है, जिससे जहां लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं बागवानों की चिंता भी बढ़ी रहेगी।
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