शिमला | हिमाचल प्रदेश के सेब बागवानों और किसानों के हितों की रक्षा के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कल, 13 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री सचिवालय में प्रदेश के प्रमुख किसान और बागवान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
बैठक का मुख्य एजेंडा: न्यूजीलैंड FTA की चुनौतियां
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य न्यूजीलैंड के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement) से उत्पन्न चिंताओं पर विचार-विमर्श करना है। बागवानी विभाग के प्रवक्ता के अनुसार, इस समझौते के कारण प्रदेश के बागवानों के बाजार और मुनाफे पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर सरकार गंभीर है।
बैठक में शामिल होने वाले प्रमुख व्यक्तित्व
बैठक में सरकार और बागवान संगठनों के बीच सीधा संवाद होगा। इसमें निम्नलिखित प्रमुख लोग भाग लेंगे:
- जगत सिंह नेगी: राजस्व, बागवानी और जनजातीय विकास मंत्री।
- राकेश सिंघा: पूर्व विधायक एवं अध्यक्ष, किसान सभा।
- संजय चौहान: सह-संयोजक, संयुक्त किसान मंच।
- दीपक सिंघा: अध्यक्ष, स्टोन फ्रूट ग्रोवर एसोसिएशन।
- आशुतोष चौहान: अध्यक्ष, प्रोग्रेसिव ग्रोवर एसोसिएशन।
- अन्य विभिन्न बागवान संगठनों के प्रतिनिधि।
बागवानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह बैठक?
हिमाचल की अर्थव्यवस्था में बागवानी का योगदान अरबों रुपये का है। मुक्त व्यापार समझौतों के तहत बाहरी देशों से कम आयात शुल्क पर फलों के आने से स्थानीय बागवानों को प्रतिस्पर्धा में नुकसान होने का डर रहता है।
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