हिमाचल के सरकारी स्कूलों में ‘CBSE’ का बढ़ा क्रेज, तीनों संकाय शुरू करने के निर्देश

On: April 9, 2026 7:56 PM
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हिमाचल के सरकारी स्कूल में पढ़ते छात्र, CBSE पैटर्न लागू होने से बढ़ा नामांकन
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हिमालयन डॉन, शिमला। हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा सुधार की दिशा में राज्य सरकार की पहल अब स्पष्ट रूप से असर दिखाने लगी है। प्रदेश के 151 सरकारी स्कूलों में CBSE पैटर्न लागू करने के फैसले के बाद छात्रों के नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस सकारात्मक रुझान को देखते हुए मुख्यमंत्री Thakur Sukhvinder Singh Sukhu ने बड़ा निर्णय लेते हुए आगामी शैक्षणिक सत्र से इन सभी स्कूलों में मेडिकल, नॉन-मेडिकल और कॉमर्स—तीनों संकाय शुरू करने के निर्देश जारी किए हैं।

सरकार के इस कदम को ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शिक्षा विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि आवश्यक बुनियादी ढांचा, स्टाफ और अन्य व्यवस्थाएं तय समयसीमा के भीतर सुनिश्चित की जाएं, ताकि छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

नामांकन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दुर्गम क्षेत्रों में छात्रों और अभिभावकों का रुझान तेजी से बढ़ा है। चंबा जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय किलाड़ में 90.24% और मंडी के जंजैहली में 90.43% की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है।

अन्य क्षेत्रों में नामांकन वृद्धि इस प्रकार रही:
रिकांगपिओ (किन्नौर): 50.50%
नेरवा (शिमला): 52.22%
नौहराधार (सिरमौर): 29.69%
घनाहट्टी (शिमला): 26.27%
काजा (लाहौल-स्पीति): 23.40%

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी शहरों के समान उच्च स्तर की शिक्षा उपलब्ध कराना है। CBSE पैटर्न लागू करने और तीनों संकाय शुरू करने का निर्णय इसी सोच का हिस्सा है।

राष्ट्रीय रैंकिंग में बड़ी छलांग
प्रदेश की शिक्षा गुणवत्ता में सुधार का असर राष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2021 में 21वें स्थान पर रहा हिमाचल प्रदेश अब देश में 5वें स्थान पर पहुंच गया है। इसके साथ ही राज्य ने पूर्ण साक्षरता का दर्जा भी हासिल किया है।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुकखु ने कहा,
“हमारा लक्ष्य है कि हिमाचल का हर बच्चा अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्राप्त करे। CBSE पैटर्न और नए संकायों की शुरुआत इस दिशा में एक बड़ा कदम है।”

हिमाचल प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में हो रहे ये बदलाव आने वाले समय में छात्रों के भविष्य को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

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Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

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