हिमाचल प्रदेश विधानसभा की तस्वीर जिसमें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सदन को संबोधित कर रहे हैं। इमेज पर ग्राफिक्स के जरिए कर्मचारियों के नियमितीकरण की अधिसूचना से जुड़ी मुख्य जानकारियां दी गई हैं, जैसे कि 2 साल का अनुबंध और 4 साल का दैनिक वेतनभोगी कार्यकाल पूरा होने पर नियमितीकरण के नियम। पोस्टर पर हिमालयन डॉन का लोगो भी अंकित है।

हिमाचल में नियमितीकरण का बड़ा फैसला: 2 साल का अनुबंध और 4 साल का दैनिक कार्यकाल पूरा करने वाले हजारों कर्मचारी होंगे रेगुलर

Shimla

शिमला: हिमाचल प्रदेश के सरकारी विभागों में कार्यरत हजारों कर्मचारियों के लिए वित्तीय वर्ष के पहले दिन राहत भरी खबर आई है। प्रदेश सरकार ने अनुबंध (Contract) आधार पर दो वर्ष की सेवा पूरी करने वाले और चार वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले दैनिक वेतनभोगियों के नियमितीकरण (Regularization) के आदेश जारी कर दिए हैं।

​कार्मिक विभाग द्वारा जारी इस अधिसूचना से उन कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही प्रतीक्षा समाप्त हो गई है, जो नियमित होने की आस लगाए बैठे थे।

नियमितीकरण के लिए तय समयसीमा

​सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार नियमितीकरण की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होगी:

  1. प्रथम चरण: जिन अनुबंध कर्मचारियों ने 31 मार्च 2026 तक दो वर्ष की निरंतर सेवा पूरी कर ली है, उन्हें तुरंत प्रभाव से नियमित किया जाएगा।
  2. द्वितीय चरण: जो कर्मचारी 30 सितंबर 2026 तक अपनी दो साल की सेवा अवधि पूरी करेंगे, उन्हें उस तिथि के बाद रेगुलर किया जाएगा।

​यही नियम दैनिक वेतनभोगियों और कंटिजेंट पेड कर्मियों पर भी लागू होगा, बशर्ते उन्होंने 4 साल की निरंतर सेवा (प्रत्येक वर्ष कम से कम 240 दिन) पूरी की हो।

कड़े किए गए नियम: नहीं सृजित होंगे नए पद

​इस बार सरकार ने नियमितीकरण के नियमों को काफी स्पष्ट और कड़ा रखा है:

  • पद की समाप्ति: कर्मचारी के नियमित होते ही उसका पिछला पद (अनुबंध/दैनिक वेतनभोगी) स्वतः समाप्त हो जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इसके लिए कोई नया पद सृजित नहीं किया जाएगा।
  • रिक्त पदों की उपलब्धता: नियमितीकरण केवल उपलब्ध रिक्त पदों के आधार पर और वरिष्ठता (Seniority) के अनुसार ही किया जाएगा।
  • स्क्रीनिंग कमेटी: प्रत्येक विभाग में एक स्क्रीनिंग कमेटी का गठन होगा जो कर्मचारी की शैक्षणिक योग्यता, मेडिकल फिटनेस और चरित्र सत्यापन की जांच करेगी।

महत्वपूर्ण शर्तें और प्रावधान

  • तैनाती: नियमित होने के बाद कर्मचारी की तैनाती पूरे प्रदेश में कहीं भी की जा सकती है।
  • वेतनमान: नियुक्ति न्यूनतम वेतनमान (Minimum Pay Scale) के आधार पर होगी।
  • आयु सीमा में छूट: यदि कर्मचारी अपनी प्रारंभिक नियुक्ति के समय आयु सीमा के भीतर पात्र था, तो उसे अब छूट दी जाएगी।
  • आरक्षण रोस्टर: भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण रोस्टर का कड़ाई से पालन किया जाएगा।

​इस निर्णय से प्रदेश के विभिन्न विभागों, बोर्डों और निगमों में कार्यरत हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा, हालांकि पद सृजन न करने की शर्त ने भविष्य की भर्तियों के लिए कुछ चुनौतियां भी पेश की हैं।

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