हिमाचल में TGT भर्ती परीक्षा के नियम हुए और सख्त
मेहंदी, चूड़ा और गैजेट्स के साथ एंट्री पूरी तरह बैन
शिमला। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग, हमीरपुर ने भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए इस बार अब तक के सबसे सख्त नियम लागू कर दिए हैं। पोस्ट कोड–25001 के अंतर्गत TGT आर्ट्स भर्ती की कंप्यूटर आधारित छंटनी परीक्षा के दौरान आयोग ने साफ कर दिया है कि मेहंदी या किसी भी तरह के आभूषण के साथ परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा।
क्यों लगाया गया मेहंदी पर प्रतिबंध?
आयोग के अनुसार, हाथों या पैरों पर मेहंदी होने से बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली प्रभावित होती है। इससे अभ्यर्थियों की सही पहचान में दिक्कत आती है और परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो सकते हैं। इसी कारण यह सख्त निर्णय लिया गया है।
अब परीक्षा केंद्रों पर ‘जीरो टॉलरेंस’
इस बार परीक्षा हॉल में कोई भी इलेक्ट्रॉनिक या अतिरिक्त वस्तु ले जाने की अनुमति नहीं होगी। आयोग ने साफ निर्देश जारी किए हैं कि निम्न वस्तुओं के साथ अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं कर पाएंगे—
- मोबाइल फोन और स्मार्ट वॉच
- ब्लूटूथ, ईयरफोन और हेल्थ बैंड
- चूड़ियां और किसी भी तरह के आभूषण
- पेन, पेंसिल, रबर
- रंगीन या डिजाइनर पानी की बोतल
परीक्षा के दौरान केवल आयोग द्वारा अनुमत सामग्री ही मान्य होगी।
भारी प्रतिस्पर्धा के बीच सख्ती जरूरी
TGT आर्ट्स के 437 पदों के लिए लगभग 45 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। परीक्षा का आयोजन 12 से 17 जनवरी तक प्रदेश भर के 21 परीक्षा केंद्रों पर सुबह और शाम के सत्रों में किया जा रहा है। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, बायोमेट्रिक जांच और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
अन्य TGT पदों में भी भीड़
TGT मेडिकल पदों के लिए करीब 15 हजार, जबकि TGT नॉन-मेडिकल के लिए लगभग 17 हजार आवेदन आयोग को प्राप्त हुए हैं। इससे साफ है कि प्रदेश में शिक्षक भर्ती को लेकर युवाओं में जबरदस्त प्रतिस्पर्धा बनी हुई है।
आयोग का साफ संदेश
राज्य चयन आयोग के सचिव डॉ. विक्रम महाजन ने स्पष्ट किया कि इस बार परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, तकनीकी और नकल-मुक्त बनाया गया है। आयोग का लक्ष्य है कि योग्य उम्मीदवारों को बिना किसी दबाव और सिफारिश के आगे बढ़ने का अवसर मिले।
