145 पीएम श्री, उत्कृष्ट और मॉडल स्कूलों की प्राथमिक विद्यालयों से मैपिंग शुरू, विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर तय होगी शिक्षकों की वास्तविक जरूरत
शिमला। हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के पदों के युक्तिकरण की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 145 पीएम श्री, उत्कृष्ट और मॉडल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के साथ संबंधित राजकीय प्राथमिक केंद्रीय विद्यालयों और राजकीय प्राथमिक विद्यालयों की मैपिंग कर शिक्षकों की वास्तविक आवश्यकता का आकलन शुरू कर दिया है।
इस प्रक्रिया के आधार पर भविष्य में शिक्षकों के पदों के सृजन, पुनर्संयोजन और तैनाती को नए सिरे से व्यवस्थित किया जा सकता है। विभाग का मानना है कि सीबीएसई पैटर्न पर संचालित सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या और शैक्षणिक जरूरत के अनुरूप शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पदों का वैज्ञानिक पुनर्मूल्यांकन जरूरी है।
उपनिदेशकों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश
शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों के उपनिदेशकों को इस संबंध में तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। निदेशालय की ओर से जारी सूची में 145 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के साथ संबंधित राजकीय प्राथमिक केंद्रीय विद्यालय और राजकीय प्राथमिक विद्यालयों को जोड़ा गया है।
विभाग के अनुसार यह पहली बार है जब सीबीएसई उप-संवर्ग के स्कूलों को प्राथमिक स्तर से जोड़कर पूरे शैक्षणिक ढांचे का एक साथ आकलन किया जा रहा है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किसी क्षेत्र में प्राथमिक से वरिष्ठ माध्यमिक स्तर तक शिक्षकों की वास्तविक जरूरत कितनी है और किन स्कूलों में स्टाफ की कमी या अधिकता है।
विषयवार शिक्षकों की जरूरत का होगा आकलन
युक्तिकरण प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या, उपलब्ध शिक्षक, स्वीकृत पद और विषयवार आवश्यकता का विस्तृत आकलन किया जाएगा।
इसी आधार पर ऐसे स्कूलों की पहचान की जाएगी जहां शिक्षकों की कमी है अथवा आवश्यकता की तुलना में अधिक पद उपलब्ध हैं। विभाग इन आंकड़ों के आधार पर भविष्य में नए पदों के सृजन, पदों के पुनर्संयोजन या शिक्षकों के समायोजन को लेकर निर्णय ले सकता है।
इस प्रक्रिया से विभिन्न स्कूलों में लंबे समय से बनी स्टाफ की असमानता को दूर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पीएम श्री और मॉडल स्कूलों पर विशेष फोकस
युक्तिकरण की इस प्रक्रिया में पीएम श्री, उत्कृष्ट और मॉडल स्कूलों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इन संस्थानों को भविष्य में सीबीएसई प्रणाली के तहत आदर्श सरकारी स्कूलों के रूप में विकसित करने की योजना है।
ऐसे में शिक्षा विभाग चाहता है कि इन स्कूलों में विषयवार शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता हो, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित न हों।
रिकॉर्ड अपडेट रखने के निर्देश
निदेशालय ने सभी बीईईओ, स्कूल प्रमुखों और संबंधित शाखाओं को शिक्षकों की तैनाती, स्वीकृत पदों और स्थापना संबंधी रिकॉर्ड को अद्यतन रखने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों से अपने अधीन आने वाले स्कूलों की संपूर्ण जानकारी निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध करवाने को कहा गया है। विभाग का उद्देश्य उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर शिक्षकों की जरूरत का सही आकलन करना और भविष्य में पदों एवं स्टाफ की व्यवस्था को अधिक वैज्ञानिक एवं संतुलित बनाना है।







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