नौणी विवि के छात्रों ने छेड़ी ‘चिट्टा’ के खिलाफ जंग: रैली निकाल कर दी चेतावनी, “नशा छोड़ो, भविष्य जोड़ो”

On: January 7, 2026 9:46 PM
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सोलन: हिमाचल प्रदेश में बढ़ते नशे के जाल, विशेषकर ‘चिट्टा’ जैसे घातक सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ अब देवभूमि के युवाओं ने मोर्चा खोल दिया है। सोलन स्थित डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय (नौणी विवि) के वानिकी महाविद्यालय ने एक विशाल जागरूकता रैली निकालकर समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया।

डीन डॉ. सी.एल. ठाकुर और डॉ. एच.पी. सांख्यान ने दिखाई हरी झंडी

इस अभियान का औपचारिक आगाज़ वानिकी महाविद्यालय के डीन डॉ. सी.एल. ठाकुर और डीन छात्र कल्याण डॉ. एच.पी. सांख्यान द्वारा किया गया। रैली को हरी झंडी दिखाते हुए डॉ. ठाकुर ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को खोखला कर देता है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे इस लड़ाई में ‘ब्रांड एंबेसडर’ बनकर समाज को जागरूक करें।

नौणी बाजार से पंचायत तक गूंजे नारे

विश्वविद्यालय के NSS (राष्ट्रीय सेवा योजना) वालंटियर्स और सैकड़ों छात्रों ने इस रैली में बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। हाथों में नशे विरोधी स्लोगन लिखी तख्तियां लिए छात्र मुख्य परिसर से होते हुए नौणी बाजार और फिर नौणी-शमरोड पंचायत तक पहुंचे। रास्ते भर छात्रों ने नारों के माध्यम से स्थानीय लोगों और युवाओं को ‘चिट्टा’ की जानलेवा लत से दूर रहने का संदेश दिया।

इन अधिकारियों के नेतृत्व में सफल हुआ अभियान

इस एंटी-चिट्टा अभियान के सफल संचालन में विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों की टीम ने मुख्य भूमिका निभाई:

  • डॉ. ललित ठाकुर: नोडल अधिकारी (एंटी-चिट्टा अभियान)
  • NSS टीम: डॉ. अनीता कुमारी, डॉ. चंद्रेश गुलेरिया, डॉ. प्रतिमा और डॉ. नितिन शर्मा।
विशेषज्ञों की राय: युवाओं की भागीदारी है जरूरी

रैली के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि ‘चिट्टा’ का बढ़ता प्रचलन चिंता का विषय है। युवाओं को खेलकूद और रचनात्मक कार्यों की ओर प्रेरित करना ही इसका एकमात्र समाधान है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम जारी रहेंगे ताकि परिसर और आसपास के क्षेत्रों को नशा मुक्त रखा जा सके।


नौणी विश्वविद्यालय द्वारा उठाया गया यह कदम अन्य शिक्षण संस्थानों के लिए भी एक मिसाल है। जब शिक्षित युवा स्वयं नशा मुक्ति का संकल्प लेते हैं, तभी समाज में वास्तविक बदलाव संभव है।

Kamlesh Thakur

कमलेश ठाकुर पिछले 3 वर्षों से हिमालयन डॉन मीडिया के साथ बतौर पत्रकार कार्यरत हैं। उन्हें हिमाचल प्रदेश की स्थानीय खबरों, शिक्षा, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों की गहरी समझ है। सटीक, विश्वसनीय और तथ्यपरक रिपोर्टिंग उनकी पहचान है। स्थानीय घटनाओं को पाठकों तक सरल और प्रभावी ढंग से पहुंचाने में उनकी विशेष रुचि है।

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