शिमला: पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांगड़ा की बेटी पल्लवी की मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। शिमला में जारी एक बयान में उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है, साथ ही प्रदेश की चरमराती स्वास्थ्य सेवाओं पर भी गंभीर सवाल दागे हैं।
पल्लवी मौत मामला: ‘न्याय के लिए तथ्य सामने आने जरूरी’
जयराम ठाकुर ने कहा कि पल्लवी की मौत अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस और प्रशासन की लापरवाही की बातें सामने आ रही हैं, जो सरकार के ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के दावों पर सवालिया निशान लगाती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि:
- इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए।
- लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो।
- पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय सुनिश्चित किया जाए।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर प्रहार: ‘मरीजों के अधिकारों से खिलवाड़’
नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को ‘क्रिटिकल’ बताते हुए कहा कि सरकार आउटसोर्स कर्मियों के भरोसे व्यवस्था चला रही है। उन्होंने हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा:
- रामपुर की घटना: कुहल पंचायत में एक महिला की मौत इसलिए हो गई क्योंकि पीएचसी देवठी और पीएचसी तकलेच में इलाज के लिए डॉक्टर ही उपलब्ध नहीं थे।
- हाईकोर्ट की टिप्पणी: माननीय उच्च न्यायालय ने भी सरकार को स्वास्थ्य अधिकारों के साथ खिलवाड़ करने पर फटकार लगाई है।
- उन्होंने तंज कसा कि मुख्यमंत्री सुधार के झूठे दावे कर रहे हैं, जबकि धरातल पर लोग इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हैं।







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