सुपर-स्पेशियलिटी डॉक्टरों को मिलेगा नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस, स्वास्थ्य सेवाओं पर 3000 करोड़ खर्च करेगी सुक्खू सरकार

On: June 19, 2026 2:54 PM
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स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, सुपर-स्पेशियलिटी डॉक्टरों को नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस देने की घोषणा करते हुए।
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शिमला, हिमालयन डॉन, 19 जून। हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बड़ा ऐलान किया है। प्रदेश सरकार अब सुपर-स्पेशियलिटी चिकित्सकों को नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (NPA) प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और स्वास्थ्य क्षेत्र में धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों को एम्स, नई दिल्ली के स्तर तक विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए पर्याप्त स्टाफ, आधुनिक उपकरण और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

स्वास्थ्य क्षेत्र में 3000 करोड़ का बड़ा निवेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक चिकित्सा मशीनरी और उपकरणों की खरीद पर करीब 3000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। जिन जिलों में मेडिकल कॉलेज नहीं हैं, वहां क्षेत्रीय और जोनल अस्पतालों को भी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है ताकि लोगों को अपने जिले में ही बेहतर उपचार मिल सके।

पहली बार शुरू हुई रोबोटिक सर्जरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार के प्रयासों से पहली बार हिमाचल प्रदेश में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है। पहले इस तरह की उन्नत चिकित्सा सुविधा के लिए मरीजों को राज्य से बाहर जाना पड़ता था और भारी खर्च उठाना पड़ता था।

डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती जारी
स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और तकनीशियनों की कमी दूर करने के लिए भर्ती प्रक्रियाएं तेज गति से जारी हैं। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) का वर्गीकरण जनसंख्या के आधार पर किया जाए, ताकि जरूरत के अनुसार स्टाफ और सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें।

उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में वह स्वयं विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों का दौरा कर चिकित्सकों से संवाद करेंगे और स्वास्थ्य क्षेत्र के आधुनिकीकरण की नई रूपरेखा तैयार करेंगे।


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