राज्यपाल से मुलाकात करते हाटी समुदाय के प्रतिनिधि, ST दर्जे पर हाईकोर्ट की रोक हटाने की मांग

हाटी समुदाय: राज्यपाल से मुलाकात करते हाटी समुदाय के प्रतिनिधि, ST दर्जे पर हाईकोर्ट की रोक हटाने की मांग

Sirmour Himachal

शिमला, हिमालयन डॉन। हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने वाले कानून पर लगी न्यायिक रोक को हटवाने की मुहिम अब तेज हो गई है। इसी कड़ी में केंद्रीय हाटी समिति के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक बलदेव सिंह तोमर के नेतृत्व में महामहिम राज्यपाल से मुलाकात कर समुदाय की चिंताओं और मांगों को विस्तार से रखा।

प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय हाटी समिति के पदाधिकारियों के साथ शिमला, शिलाई, कफोटा और राजगढ़ की हाटी इकाइयों के वरिष्ठ सदस्य तथा हाल ही में निर्वाचित जिला परिषद सदस्य भी शामिल रहे।

ढाई साल से अटका है मामला
राज्यपाल के समक्ष प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि हाटी समुदाय को ST का दर्जा देने वाले कानून पर शिमला हाईकोर्ट द्वारा लगाए गए अंतरिम स्थगन आदेश (Stay Order) के कारण पिछले करीब ढाई वर्षों से समुदाय के हजारों युवा, छात्र और बेरोजगार वर्ग प्रभावित हो रहे हैं। न्यायालय में मामला लंबित होने की वजह से समुदाय को कानून के तहत मिलने वाले आरक्षण और अन्य लाभ नहीं मिल पा रहे हैं।

युवाओं के भविष्य का सवाल
हाटी नेताओं ने कहा कि इस कानूनी अड़चन का सबसे बड़ा असर युवाओं पर पड़ा है। रोजगार, शिक्षा और सरकारी योजनाओं में मिलने वाले अवसरों से वंचित होने के कारण समुदाय में निराशा बढ़ रही है। उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि केंद्र सरकार के स्तर पर प्रभावी पहल कर हाईकोर्ट में लगे अंतरिम स्थगन आदेश को जल्द से जल्द निरस्त (Vacate) करवाने के प्रयास किए जाएं।

राज्यपाल ने दिया सकारात्मक आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल की बात सुनने के बाद महामहिम राज्यपाल ने हाटी समुदाय की चिंताओं को गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा कि समुदाय को हो रहे नुकसान को देखते हुए इस विषय पर केंद्र सरकार से संपर्क कर आवश्यक कदम उठाने का प्रयास किया जाएगा। राज्यपाल ने भरोसा दिलाया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत समाधान निकालने के लिए हर संभव सहयोग किया जाएगा

हाटी समुदाय की उम्मीदें फिर जगीं
राज्यपाल से मिले आश्वासन के बाद हाटी समुदाय में एक बार फिर उम्मीद जगी है कि लंबे समय से लंबित ST दर्जे का लाभ मिलने का रास्ता साफ हो सकता है। अब समुदाय की निगाहें केंद्र सरकार और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं।


यह भी पढ़ें:- सुपर-स्पेशियलिटी डॉक्टरों को मिलेगा नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस, स्वास्थ्य सेवाओं पर 3000 करोड़ खर्च करेगी सुक्खू सरकार


हिमाचल प्रदेश की सभी ताज़ा और सटीक खबरों के लिए जुड़े रहें हिमालयन डॉन के साथ।

WhatsApp चैनल:
Join WhatsApp Channel⁠
Telegram चैनल:
Join Telegram Channel⁠
Facebook पेज:
Join Facebook Page

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *