हिमालयन डॉन संवाददाता, शिमला | हिमाचल प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ली है और अप्रैल महीने में ही लोगों को जून जैसी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों से लेकर मैदानी इलाकों तक तापमान में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे दिन के समय लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। आमतौर पर ठंडे माने जाने वाले हिल स्टेशनों में भी दोपहर के समय गर्मी का असर साफ देखने को मिल रहा है।
पर्यटन स्थलों शिमला और मनाली में भी गर्मी का प्रभाव दिखाई दे रहा है, जहां दोपहर के समय चहल-पहल में कमी आई है। मौसम के इस बदले मिजाज ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी प्रभावित किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को प्रदेश के औसतन अधिकतम तापमान में करीब 3.6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ऊना में सबसे अधिक 38.7 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो इस सीजन का अब तक का उच्चतम स्तर है। इसके अलावा कांगड़ा में 35.2 डिग्री, सुंदरनगर में 35 डिग्री, बरठीं में 34.7 डिग्री, मंडी में 34.4 डिग्री, भुंतर में 33 डिग्री और नाहन में 32.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इन क्षेत्रों में गर्मी का प्रभाव सबसे अधिक महसूस किया जा रहा है।
24 अप्रैल से बदलेगा मौसम
मौसम विभाग ने 24 अप्रैल से प्रदेश में मौसम के करवट लेने की संभावना जताई है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हो सकती है। 25 अप्रैल को पूरे प्रदेश में मौसम खराब रहने का अनुमान है।
इसके अलावा 26 और 27 अप्रैल को मध्य व उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है, जबकि 28 अप्रैल को भी प्रदेश भर में मौसम खराब रह सकता है।
मौसम के इस उतार-चढ़ाव के बीच लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए ही यात्रा और दैनिक गतिविधियों की योजना बनाएं।
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