शिमला, 29 मार्च: हिमाचल प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के कई जिलों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान मौसम के तेवर कड़े रहने की संभावना है। विभाग ने स्थिति को देखते हुए संवेदनशील जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार रविवार को चम्बा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है। इस मौसम प्रणाली का असर 30 मार्च तक बने रहने की संभावना है।
पूर्वानुमान के मुताबिक, राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी, बिजली कड़कने और ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। विशेष रूप से मैदानी और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है, जबकि झोंकों की अधिकतम गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसी परिस्थितियों में कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली लाइनों को नुकसान पहुंच सकता है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि चुनिंदा स्थानों पर ओलावृष्टि फसलों के लिए खतरा बन सकती है। खासकर सेब, आड़ू और अन्य गुठलीदार फलों के बागानों को नुकसान होने की आशंका है, जिससे किसानों और बागवानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
हालांकि पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहा और तापमान सामान्य के आसपास दर्ज किया गया, लेकिन आगामी बदलाव को देखते हुए स्थिति तेजी से बदल सकती है।
प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह:
- किसान और बागवान फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय अपनाएं
- तेज हवाओं और ओलावृष्टि के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें
- पर्यटक यात्रा के दौरान मौसम अपडेट पर नजर रखें
- कमजोर संरचनाओं और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह चेतावनी एहतियात के तौर पर जारी की गई है, ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके। आने वाले दो दिन प्रदेश के लिए संवेदनशील माने जा रहे हैं, ऐसे में सभी को सतर्क और सावधान रहने की आवश्यकता है।
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