शिमला: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आज देश की राजधानी दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से विशेष मुलाकात की। इस शिष्टाचार भेंट के दौरान जयराम ठाकुर ने हिमाचल की भौगोलिक चुनौतियों और वर्तमान आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए केंद्र से और अधिक सहयोग का आग्रह किया।
जयराम ठाकुर ने विशेष रूप से हिमाचल को ‘विशेष राज्य’ का दर्जा दिए जाने के लाभ गिनाते हुए कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में प्रदेश को जो वित्तीय मजबूती मिली है, वैसी पिछले 70 सालों में नहीं दिखी। उन्होंने बताया कि केंद्र द्वारा प्रायोजित 191 योजनाओं में हिमाचल की भागीदारी मात्र 10% रहती है, जबकि 90% खर्च केंद्र सरकार खुद उठाती है।
इसी महीने मिली 3000 करोड़ की बड़ी सौगात
आंकड़ों का जिक्र करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि इसी महीने ‘एक्सटर्नल ऐडेड प्रोजेक्ट’ (EAP) के जरिए केंद्र ने प्रदेश को लगभग 3000 करोड़ रुपये की मदद सुनिश्चित की है। इसमें जायका (JICA) के तहत स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1617 करोड़ रुपये और आपदा पुनर्निर्माण के लिए विश्व बैंक के माध्यम से 1992 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी मिली है। इन प्रोजेक्ट्स में भी बड़ा हिस्सा केंद्र सरकार ही वहन कर रही है, जिससे प्रदेश के 5 मेडिकल कॉलेजों और 86 स्वास्थ्य संस्थानों की सूरत बदलेगी।
मुलाकात के दौरान जयराम ठाकुर ने नेशनल हाईवे, फोरलेन और टनल जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की गति तेज करने पर भी चर्चा की। उन्होंने भरोसा जताया कि केंद्र सरकार हिमाचल की जनता के हितों के लिए हमेशा की तरह उदारता दिखाएगी।
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