जयराम ठाकुर और भाजपा विधायकों का राज्यपाल को ज्ञापन

हिमाचल में ‘तालाबंदी’! जयराम ठाकुर का आरोप- “सुक्खू सरकार ने जनता के हक पर लगाया पहरा, रुक गया सारा काम!”

Himachal

शिमला | 06 फरवरी, 2026: हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार और विपक्ष के बीच चल रही ‘कोल्ड वॉर’ अब खुले मैदान में आ गई है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा विधायक दल ने राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से मुलाकात कर हिमाचल की सियासत में भूचाल ला दिया है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में विकास की रफ्तार पर ‘सरकारी ब्रेक’ लगा दिया गया है और विपक्षी विधायकों का गला घोंटा जा रहा है।

क्या हिमाचल में रुक गया है विकास का पहिया?

राजभवन को सौंपे गए ज्ञापन में भाजपा ने ऐसे आरोप लगाए हैं जो सुक्खू सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। जयराम ठाकुर ने दावा किया कि प्रदेश सरकार अक्टूबर 2025 के बाद से विधायक क्षेत्र विकास निधि जारी ही नहीं कर रही है।

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भाजपा के 3 चुभते सवाल:

  • कहाँ गया बजट?: जब बजट में प्रावधान है, तो केवल आधी राशि जारी कर शेष फंड क्यों रोक दिया गया?
  • गरीबों की मदद पर ‘ताला’ क्यों?: बीमारों और आपदा पीड़ितों को दी जाने वाली ऐच्छिक निधि (Discretionary Fund) को क्यों लटकाया गया है?
  • सिर्फ अपने क्षेत्रों का विकास?: क्या सरकार केवल कांग्रेस विधायकों के क्षेत्रों में ही काम करवा रही है?

“लोकभवन का घेराव और बैठकों का बहिष्कार” – विपक्ष का अल्टीमेटम

जयराम ठाकुर ने साफ़ कर दिया है कि यह सिर्फ ज्ञापन तक सीमित नहीं रहेगा। भाजपा ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही फंड जारी नहीं हुआ और DPR को मंजूरी नहीं मिली, तो भाजपा विधायक आधिकारिक बैठकों का बहिष्कार करेंगे और लोकभवन के बाहर कड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे।

भाजपा का आरोप है कि नाबार्ड (NABARD) को भेजी जाने वाली फाइलों को सचिवालय स्तर पर दबा दिया गया है, जिससे सड़कों और पानी की योजनाओं का काम पूरी तरह ठप है।


सियासी हलकों में चर्चा: क्या बढ़ेगी सुक्खू सरकार की मुसीबत?

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा का यह आक्रामक रुख बजट सत्र से पहले सरकार की घेराबंदी करने की एक बड़ी रणनीति है। जयराम ठाकुर के साथ विपिन परमार, सतपाल सत्ती और डॉ. जनक राज जैसे दिग्गजों की मौजूदगी ने यह साफ़ कर दिया है कि आने वाले दिनों में हिमाचल की सड़कों पर ‘सियासी संग्राम’ और तेज होगा।

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