सोलन: अगले 48 घंटों में बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी

सोलन: अगले 48 घंटों में बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी, किसानों के लिए विशेष कृषि परामर्श जारी

Solan

सोलन, 03 फरवरी, 2026: डॉ. वाई.एस. परमार उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के पर्यावरण विज्ञान विभाग ने ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के तहत सोलन और साथ लगते क्षेत्रों के लिए आगामी 5 दिनों का मौसम पूर्वानुमान और कृषि बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में मौसम में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जिससे बागवानों और किसानों को अपनी फसलों के प्रति अतिरिक्त सतर्क रहने की आवश्यकता है।

मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सोलन में 4 फरवरी को हल्की वर्षा (1 मिमी) होने की संभावना है। इसके साथ ही आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है।

  • तापमान का मिजाज: अगले 5 दिनों में अधिकतम तापमान 20°C से 22°C के बीच रहने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम तापमान 2°C से 5°C तक गिर सकता है।
  • कोहरा और आर्द्रता: 5 फरवरी को क्षेत्र में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। सुबह के समय सापेक्षिक आर्द्रता (Relative Humidity) 85% तक जा सकती है, जो फसलों में फफूंद जनित रोगों को बढ़ावा दे सकती है।
  • हवा की गति: आने वाले दिनों में हवा की गति 6.5 से 10 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है।
किसानों के लिए फसल-वार विशेष सलाह

1. गेहूं की फसल (Wheat): वर्तमान में गेहूं की फसल ‘जॉइंटिंग और बूटिंग’ की अवस्था में है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपने खेतों की नियमित निगरानी करें। इस मौसम में पीला रतुआ (Yellow Rust) लगने का खतरा बढ़ जाता है। यदि पत्तों पर पीले रंग का पाउडर दिखाई दे, तो तुरंत विशेषज्ञों की सलाह लें।

2. मटर की खेती (Peas): मटर की फसल अभी ‘पॉड फॉर्मेशन’ यानी फलियां बनने की स्थिति में है। मौसम की चेतावनी को देखते हुए छोटे फलदार पौधों और मटर की बेलों को लकड़ी का सहारा (Staking) प्रदान करें, ताकि तेज हवाओं और बारिश के कारण तने न टूटें।

3. लहसुन और प्याज (Garlic & Onion): लहसुन की फसल में पर्पल ब्लॉच (Purple Blotch) जैसी बीमारियों का खतरा है, क्योंकि अधिक नमी और पत्तों का गीला रहना फंगल इन्फेक्शन को न्योता देता है। खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें।

4. गोभी और अन्य सब्जियां: फूलगोभी और ब्रोकली जैसी फसलों में ‘हेडिंग’ (फूल बनना) की प्रक्रिया चल रही है। गरज और तेज हवाओं के कारण फूल झड़ने की संभावना रहती है, इसलिए समय पर तुड़ाई कर लें और पौधों को सुरक्षा प्रदान करें।

प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों के लिए निर्देश

जो किसान प्राकृतिक खेती अपना रहे हैं, उन्हें कीट-रोग नियंत्रण के लिए साफ मौसम होने पर अग्निअस्त्र, ब्रह्मास्त्र या नीमास्त्र का 3.0 प्रतिशत घोल बनाकर छिड़काव करने की सलाह दी गई है। साथ ही नियमित अंतराल पर 10% जीवामृत का प्रयोग करें। मिट्टी में नमी बनाए रखने के लिए सूखी पत्तियों की ‘मल्चिंग’ का उपयोग करें।

पशुपालन: ठंड से बचाव जरूरी

बदलते मौसम और गिरते तापमान के बीच पशुपालकों को सलाह दी गई है कि:

  • रात के समय पशुशाला (Animal Sheds) को चारों ओर से तिरपाल या बोरी से ढककर रखें ताकि ठंडी हवा सीधे अंदर न आए।
  • छोटे मेमनों और बछड़ों को ठंड से बचाने के लिए उन्हें टाट के बोरों से ढकें।
  • थनों में दरारें पड़ने से रोकने के लिए दूध निकालने के बाद गर्म पानी से साफ करें और घी या मक्खन लगाएं।
आम जनता के लिए सुरक्षा चेतावनी

मौसम विभाग ने वज्रपात (Lightning) और आंधी के दौरान लोगों को खुले खेतों में जाने से बचने की सलाह दी है। ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। सुरक्षित रहने के लिए अपने मोबाइल पर ‘मेघदूत’, ‘दामिनी’ और ‘Mausam’ ऐप डाउनलोड करें, जो समय पर बिजली गिरने और मौसम बदलने का अलर्ट देते हैं।

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“Source: Dr. Y.S. Parmar University of Horticulture and Forestry, Nauni”

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