सोलन: हिमाचल प्रदेश के सोलन में स्थित शूलिनी यूनिवर्सिटी ने QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में एक बार फिर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता को साबित किया है। विश्वविद्यालय ने विभिन्न विषयों में विश्व के शीर्ष 500 संस्थानों में स्थान बनाकर वैश्विक स्तर पर अपनी साख मजबूत की है।
विषय-वार वैश्विक और राष्ट्रीय रैंकिंग की मुख्य विशेषताएं:
विश्वविद्यालय ने सात प्रमुख शैक्षणिक क्षेत्रों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है:
- कृषि और वानिकी: इसे वैश्विक स्तर पर 251-300 श्रेणी में रखा गया है, जिससे भारत में इस संस्थान को छठा स्थान प्राप्त हुआ है।
- पर्यावरण विज्ञान: वैश्विक रैंकिंग में 301-350 श्रेणी में स्थान मिला, जबकि भारत में यह 11वें स्थान पर रहा।
- फार्मेसी और फार्माकोलॉजी: विश्व स्तर पर 351-400 श्रेणी और राष्ट्रीय स्तर पर 15वां स्थान हासिल किया।
- जैविक विज्ञान: वैश्विक स्तर पर 401-450 श्रेणी में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
- राष्ट्रीय स्तर पर अन्य उपलब्धियां: सामग्री विज्ञान में भारत में 16वां स्थान, जबकि इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी और रसायन विज्ञान में संयुक्त रूप से 17वां स्थान प्राप्त किया है। इसके साथ ही जीव विज्ञान को राष्ट्रीय स्तर पर 10वीं रैंक मिली है।
- प्राकृतिक विज्ञान: इसे विश्व स्तर पर 501-550 श्रेणी में जगह मिली और भारत में यह 17वें स्थान पर रहा।
नेतृत्व का दृष्टिकोण:
विश्वविद्यालय के नेतृत्व ने इस सफलता को संस्थान के कड़े परिश्रम और नवाचार का परिणाम बताया है:
”यह उपलब्धि हमारे संकाय और छात्रों द्वारा प्रदर्शित कड़ी मेहनत, नवाचार और अनुसंधान उत्कृष्टता का परिणाम है। यह वैश्विक स्तर पर सार्थक प्रभाव डालने वाले ज्ञान सृजन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
— प्रो. अतुल खोसला, कुलपति, शूलिनी विवि
कुलाधिपति प्रो. पी.के. खोसला ने कहा कि रैंकिंग में यह निरंतर वृद्धि दर्शाती है कि भारतीय संस्थान स्पष्ट दृष्टिकोण और गुणवत्तापूर्ण शोध के साथ उच्चतम वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। प्रो-वाइस चांसलर विशाल आनंद के अनुसार, यह सफलता विश्वविद्यालय के शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र और उद्योग साझेदारी को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रेरित करेगी।
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